चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में उछाल, ३ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

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​नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और तेल विपणन कंपनियों के भारी घाटे को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ३ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। पिछले ४ वर्षों में ईंधन की दरों में यह पहली वृद्धि है, जो ४ राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के ठीक १६ दिन बाद लागू की गई है। पश्चिम एशिया संकट और ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें एक समय १२० डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में यह संशोधन अनिवार्य माना जा रहा था।
​इस बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल ९७.७७ रुपये और डीजल ९०.६७ रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा, जबकि मुंबई में पेट्रोल की कीमत १०६.६८ रुपये के पार जा चुकी है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में तेल कंपनियों को हो रहे दैनिक १,००० करोड़ रुपये के नुकसान पर चिंता जताई थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि सरकार ने पिछले दिनों उत्पाद शुल्क में कटौती कर राहत देने की कोशिश की थी, लेकिन वैश्विक दबाव के चलते निजी और सरकारी दोनों तेल कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि कर दी है। ईंधन के दाम बढ़ने से थोक मुद्रास्फीति ४२ महीने के उच्चतम स्तर ८.३ प्रतिशत पर पहुंच गई है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल आयात पर विदेशी मुद्रा के खर्च को कम करने के लिए नागरिकों से ईंधन की खपत घटाने और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग का आह्वान किया है।

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