न्यूयार्क: फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में ग्रुप एल से इंग्लैंड और क्रोएशिया के साथ अफ्रीकी देश घाना ने भी नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। शनिवार देर रात खेले गए रोमांचक मुकाबलों में इंग्लैंड और क्रोएशिया ने अपने-अपने मैचों में शानदार जीत दर्ज की। इसके साथ ही ग्रुप एल की अंक तालिका में इंग्लैंड तीन मैचों में सात अंकों के साथ शीर्ष पर रहते हुए ग्रुप विजेता बना, जबकि क्रोएशिया छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और ग्रुप उपविजेता के रूप में अगले दौर में पहुंचा। दूसरी ओर, घाना चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ आठ टीमों में शामिल होकर नॉकआउट राउंड का टिकट कटाने में सफल रहा, जबकि अपने तीनों मैच हारने वाली पनामा की टीम का सफर यहीं समाप्त हो गया।
इंग्लैंड ने ग्रुप चरण के अपने अंतिम मुकाबले में पनामा को २-० से शिकस्त दी। न्यूयार्क न्यू जर्सी स्टेडियम में भेजे गए इस मैच में ६८ प्रतिशत पजेशन के साथ खेलने के बावजूद इंग्लैंड को गोल के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। अंततः टीम ने दूसरे हाफ के खेल में पांच मिनट के भीतर दो गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड के लिए जूड बेलिंघम ने ६२वें मिनट में पहला गोल कर टीम का खाता खोला, जिसके बाद कप्तान हैरी केन ने ६७वें मिनट में एक और गोल कर पनामा की हार सुनिश्चित कर दी। यह केन का वर्ल्ड कप इतिहास में ११वां गोल था और इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने के मामले में गैरी लिनेकर (१० गोल) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। हालांकि साल २०१८ में रूस में हुए वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड ने पनामा को ६-१ से करारी शिकस्त दी थी, लेकिन इस बार का मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहा जहां पनामा ने पहले हाफ में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाकर इंग्लैंड के लगातार हमलों को विफल किया, पर दूसरे हाफ में टीम आत्मसमर्पण करने पर मजबूर हो गई। इस मैच के लिए इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने घाना के खिलाफ पिछले ड्रॉ मैच के बाद अपनी शुरुआती एकादश में पांच बड़े बदलाव किए थे, जिसमें मोर्गन रोजर्स, मार्कस रैशफोर्ड और बुकायो साका को इस वर्ल्ड कप में पहली बार शुरुआती एकादश में मौका मिला।
इसी ग्रुप के एक अन्य बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में क्रोएशिया ने संघर्षपूर्ण खेल दिखा रही घाना की टीम को २-१ से पराजित कर दिया। इस महत्वपूर्ण जीत के साथ ही ज़्लात्को डालिच की टीम अंक तालिका में घाना को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर काबिज हो गई और राउंड ऑफ ३२ में प्रवेश किया। यदि यह मैच ड्रॉ भी रहता, तब भी क्रोएशिया तीसरे स्थान की सर्वश्रेष्ठ टीमों के समीकरण के आधार पर आगे बढ़ सकती थी, लेकिन टीम ने शुरुआत से ही जीत की मानसिकता के साथ आक्रामक फुटबॉल खेला। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में ५३ प्रतिशत पजेशन के साथ खेलने वाली क्रोएशिया की तरफ से निकोला व्लासिच ने १७वें मिनट में २० गज की दूरी से एक दर्शनीय शॉट लगाया था, जो गोल पोस्ट के बाहरी हिस्से से टकराकर निकल गया। लगातार हमले कर रही क्रोएशिया को अंततः ३१वें मिनट में सफलता मिली जब पेटर सुसिच ने यूरोपीय टीम के लिए पहला गोल किया और क्रोएशिया ने इस बढ़त को मध्यांतर तक कायम रखा। पहले हाफ में घाना की टीम कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी और केवल एंटोनी सेमेन्यो ने ही कुछ अच्छे प्रयास किए। हालांकि, दूसरे हाफ में घाना की टीम पूरी तरह से बदले हुए रूप में नजर आई और उसने लगातार आक्रमण करने शुरू किए, जिसके परिणामस्वरूप डेरेक लुकासेन ने ७३वें मिनट में एक बेहतरीन फ्री-किक को गोल में बदलकर स्कोर १-१ की बराबरी पर ला खड़ा किया। लेकिन घाना की यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और महज १० मिनट बाद ही लुका मोड्रिच के शानदार कॉर्नर पर निकोला व्लासिच बिना किसी मार्किंग के बॉक्स में पहुंचे और बेहतरीन हेडर के जरिए गोल दागकर क्रोएशिया को २-१ की निर्णायक बढ़त दिला दी जो अंत तक कायम रही।










