नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऐतिहासिक ‘ईओएस-०५’ मिशन की शानदार सफलता में गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने एक बार फिर अपनी तकनीकी महारत का प्रदर्शन किया है। समूह के एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक प्रणालियों ने उपग्रह को सफल प्रक्षेपण से लेकर अंतरिक्ष की निर्धारित कक्षा में स्थापित करने तक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इसरो के शक्तिशाली ‘जीएसएलवी-एफ१७’ रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया ‘ईओएस-०५’ अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट अब मौसम के सटीक पूर्वानुमान, कृषि नियोजन, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और पर्यावरण की निरंतर निगरानी में मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने में भी बड़ी मदद मिलेगी।इस विशेष मिशन के लिए गोदरेज ने विकास इंजन, क्रायोजेनिक इंजन नोजल और सैटेलाइट थ्रस्टर के बेहद जटिल व महत्वपूर्ण कलपुर्जों का निर्माण किया। पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से भारत के अंतरिक्ष अभियानों में अपना योगदान दे रहे गोदरेज ग्रुप ने इस सफलता को भारतीय इंजीनियरिंग, तकनीकी क्षमता और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की बड़ी जीत करार दिया है।





