कुर्सीयांग में हुल दिवस भव्यता के साथ संपन्न

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आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि

कर्सीयांग: पश्चिम बंगाल सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा दार्जिलिंग के कर्सीयांग स्थित गढ़ीधुरा कम्युनिटी हॉल में आज ‘हुल दिवस’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मलित होकर सांसद राजू विष्ट द्वारा भारत के पहले आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम—’संथाल हुल’ के अमर नायकों सिद्धु मुर्मु, कान्हु मुर्मु, चांद मुर्मु, भैरव मुर्मु, फूलो मुर्मु और झानो मुर्मु को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
​इन अमर शहीदों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान अन्याय, शोषण और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ प्रतिरोध की एक शाश्वत गाथा है। हमारा आदिवासी समुदाय हमेशा से भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत आधार रहा है। उनका गौरवशाली इतिहास हमें समानता, सामाजिक न्याय, गरिमा और समावेशी विकास के मूल्यों को बनाए रखने के संकल्प को और मजबूती प्रदान करता है।
​केंद्र में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और राज्य में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी जी के नेतृत्व में, ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। इस विकास यात्रा में हमारे आदिवासी और जनजातीय समुदायों सहित हर परिवार को सम्मान, समान अवसर और समृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, सांसद विष्ट ने बताया।
​इस अवसर पर दार्जिलिंग के जीटीए क्षेत्र के मेधावी अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को दिए जाने वाले ‘डॉ. बी.आर. अम्बेडकर मेधा पुरस्कार २०२६’ के पुरस्कार वितरण समारोह में भी भाग लिया गया और होनहार छात्रों को सम्मानित किया गया।

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