मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया दुधिया बेली ब्रिज का भव्य उद्घाटन, मिरीक और सिलीगुड़ी की राह हुई आसान
कोलकाता/सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के पर्यटन और जनजीवन के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। कोलकाता स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय ‘नवान्न’ में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने दार्जिलिंग जिले के दुधिया में बालासन नदी पर नवनिर्मित बेली ब्रिज का वर्चुअल माध्यम से औपचारिक लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित कर दिया। कुछ समय पहले आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण बालासन नदी का मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे दार्जिलिंग, मिरीक, सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इस भौगोलिक संकट की वजह से स्थानीय निवासियों, दैनिक कामगारों और इस क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जनता की इसी परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी के सीधे दिशा-निर्देशों के तहत इस पुल का निर्माण युद्धस्तर पर किया गया और बेहद कम समय में इसे पूरा कर उत्तर बंगाल के पहाड़ों और मैदानी इलाकों को फिर से एक सूत्र में पिरो दिया गया।

इस ऐतिहासिक लोकार्पण कार्यक्रम में बंगाल सरकार के मंत्री विशाल लामा विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंत्री लामा ने इस परियोजना को मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और सरकार की त्वरित कार्यशैली की एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में इस महत्वपूर्ण पुल का बनकर तैयार होना इस बात का पुख्ता सबूत है कि सरकार सुशासन और जनसेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पुल सिर्फ लोहे और कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि उत्तर बंगाल के हजारों लोगों के सुनहरे भविष्य और सुगम आवागमन का मार्ग है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए भारतीय सेना की पूर्वी कमान के कुशल इंजीनियरों और अधिकारियों ने दिन-रात एक कर तकनीकी कमान संभाली थी। सेना के इसी अद्भुत समर्पण के कारण आज यह असंभव कार्य संभव हो सका है।
नवान्न में आयोजित इस विशेष समारोह में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, दार्जिलिंग के विधायक नोमान राय, कालिम्पोंग के विधायक भरत छेत्री और कर्सियांग के विधायक सोनम लामा सहित उत्तर बंगाल के कई शीर्ष जनप्रतिनिधि और उच्च प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुल निर्माण में बहुमूल्य योगदान देने के लिए भारतीय सेना, दार्जिलिंग जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और दुधिया क्षेत्र के नागरिकों की सक्रिय सहभागिता की खुलकर सराहना की। इस पूरी परियोजना को उत्कृष्ट नागरिक-सैन्य समन्वय और प्रशासनिक दक्षता के एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर बंगाल के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूती मिलेगी।











