वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात को सीमित करने के अपने प्रयासों के तहत चीन की एक प्रमुख तेलशोधक कंपनी ‘हेंगली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी’ और करीब 40 शिपिंग कंपनियों एवं टैंकरों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह रिफाइनरी वर्ष २०२३ से ईरान से कच्चा तेल खरीद रही है, जिससे ईरानी शासन को करोड़ों डॉलर की आय हुई है। चार लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता रखने वाली इस रिफाइनरी और उससे जुड़े टैंकरों पर यह कार्रवाई ईरान के राजस्व स्रोतों को सुखाने के उद्देश्य से की गई है।
यह कदम कूटनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि कुछ ही सप्ताह बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के बीच चीन में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक कच्चे तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी और नाकेबंदी जारी रखेगा। इस प्रतिबंध के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि ईरान पर वैश्विक आर्थिक दबाव और गहरा गया है।











