चोलेन्द्र शमशेर ‘मास्टरमाइन्ड’, मुझे मोहरा बनाया गया, इनाम का दावा
काठमांडू(नेत्र बिक्रम बिमली): संपत्ति शुद्धीकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में हिरासत में मौजूद बिचौलिया इनाम सापकोटा ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा पर खुद का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिला पुलिस परिसर काठमाण्डू की हिरासत में मौजूद सापकोटा ने विशेष ब्यूरो की अनुसन्धान के दौरान जबरा को मामले का ‘मास्टरमाइन्ड’ करार देते हुए दावा किया है कि वे न्यायाधीशों के माध्यम से अवैध काम करवाते थे।
विशेष ब्यूरो की छानबीन के क्रम में सापकोटा ने खुलासा किया है कि वे जबरा के बेटे के जरिए संपर्क में आए थे। उनका यह भी कहना है कि जबरा ने उन्हें राजनीतिक नेताओं के करीब जाने और नेपाली कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ संबंध बढ़ाने का कड़ा निर्देश दिया था।
अदालत में विचाराधीन रहे व्यवसायी दीपक भट्ट और सुलभ अग्रवाल के मामलों में आर्थिक सहूलियत और सेटिंग कराने के लिए जबरा ने ही उनका मुख्य रूप से इस्तेमाल किया था, ऐसा बयान सापकोटा ने दिया है।
इसी प्रकरण में निवेश बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुशील भट्ट को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, सापकोटा ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस नेता बालकृष्ण खांड़ के माध्यम से उनकी पहचान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक हुई थी।
गत असोज १४ गते नेपाल प्रहरी के विशेष ब्यूरो ने सापकोटा को अपनी गिरफ्त में लेकर इस मामले की विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है। न्यायपालिका की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले इस सनसनीखेज प्रकरण की सच्चाई का पता लगाने के लिए नेपाल बार एसोसिएशन ने भी एक विशेष तथ्य संकलन समिति का गठन किया है।





