नई दिल्ली: वर्ष के अन्य दिनों की भांति ४ मई की तिथि भी इतिहास में अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं की साक्षी रही है। इसी दिन न केवल ब्रिटेन, बल्कि समूचे यूरोप को पहली बार एक महिला प्रधानमंत्री मिली थीं। दृढ़ इच्छाशक्ति और कठोर नेतृत्व के लिए ‘आयरन लेडी’ के नाम से प्रसिद्ध मार्गरेट थैचर ने १९७९ में इसी दिन सत्ता संभाली थी।
राजनीति के साथ-साथ पत्रकारिता, चलचित्र और विज्ञान के क्षेत्र में भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। ‘लंदन डेली मेल’ के प्रकाशन से लेकर विश्वप्रसिद्ध पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था की स्थापना तक, ४ मई अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को समेटे हुए है।
इतिहास के आईने में ४ मई की प्रमुख घटनाएँ (ऐतिहासिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य)~
१७९९: मैसूर के महान शासक टीपू सुल्तान श्रीरंगपट्टनम के युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए।
१९४५: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने नीदरलैंड, डेनमार्क और नॉर्वे में आत्मसमर्पण किया।
१९७९: मार्गरेट थैचर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
१९८०: जिम्बाब्वे के नेता रॉबर्ट मुगाबे भारी विजय के बाद देश के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने।
२००६ : नेपाल के माओवादी विद्रोही नई सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए सहमत हुए।
कला, संस्कृति और विज्ञान~
१८९६: ‘लंदन डेली मेल’ का प्रथम अंक प्रकाशित हुआ।
१९२७: अमेरिका में चलचित्र कला और विज्ञान अकादमी की स्थापना हुई, जिसने आगे चलकर विश्वप्रसिद्ध पुरस्कार प्रदान करने प्रारंभ किए।
१९५९: विश्व के प्रथम संगीत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
१९७५: महान अभिनेता चार्ली चैप्लिन को बकिंघम महल में ‘नाइट’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
हाल के वर्षों की घटनाएँ (२०२१–२०२५)~
२०२१: महामारी और वैश्विक परिस्थिति~
अनेक खिलाड़ियों के संक्रमित होने के कारण देशीय क्रिकेट प्रतियोगिता अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई।
माली की एक महिला ने एक साथ ९ बच्चों को जन्म देकर दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया।
विवादित संदेशों के कारण अभिनेत्री कंगना रनौत का सामाजिक माध्यम खाता स्थायी रूप से बंद किया गया।
२०२२: अंतरराष्ट्रीय तनाव और कूटनीति~
रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान हथियार भेजने को लेकर नाटो देशों को रूस ने कड़ी चेतावनी दी।
उद्योगपति एलन मस्क ने सामाजिक माध्यमों के उपयोग पर शुल्क लगाने की योजना घोषित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की महारानी मार्ग्रेथ द्वितीय से भेंट की।
२०२३: सुरक्षा और विवाद~
पाकिस्तान के पाराचिनार में एक विद्यालय में गोलीबारी में ७ शिक्षकों की मृत्यु हुई।
पहलवान विनेश फोगाट ने विरोध स्वरूप अपने पदक लौटाने की घोषणा की।
पुणे में गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में एक रक्षा वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया गया।
२०२४: आतंक और चुनावी वातावरण~
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में वायुसेना के काफिले पर हमले में एक जवान शहीद हुआ।
दिल्ली के कई विद्यालयों में बम संबंधी झूठे संदेश से भय का माहौल बना।
२०२५: कूटनीतिक तनाव और संघर्ष~
हूती विद्रोहियों के खतरे के कारण इज़राइल जा रहे एक विमान को अबू धाबी की ओर मोड़ दिया गया।
चिनाब नदी के जल को लेकर भारत ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “भारत को मित्र चाहिए, उपदेश देने वाले नहीं।”
४ मई का इतिहास यह दर्शाता है कि एक ओर जहां नेतृत्व के नए आदर्श स्थापित हुए, वहीं दूसरी ओर विश्व ने अनेक कठिन संघर्षों और परिवर्तनों का सामना भी किया।










