​इंग्लैंड दौरे के बीच केन विलियमसन ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

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लंदन: इंग्लैंड दौरे के बीच न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ३५ वर्षीय विलियमसन का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस घोषणा के साथ ही विलियमसन के १६ साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और न्यूजीलैंड क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी२०) में एक सुनहरे युग का अंत हो गया है।
​दाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन न्यूजीलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने करियर में सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल ३७८ मैच खेले, जिसमें ४८ शतकों और ६ दोहरे शतकों की मदद से १९,३४६ रन बनाए। वर्ष २०१० में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) करने वाले विलियमसन ने बहुत जल्द अपनी बेहतरीन तकनीक, अद्वितीय धैर्य और रन बनाने की निरंतरता से विश्व क्रिकेट पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता भले ही कम दिखती थी, लेकिन उनका प्रभाव और निरंतरता हमेशा विरोधी टीमों पर भारी पड़ती थी।
​विलियमसन ने उस दौर में कीवी क्रिकेट की कमान संभाली और अपनी पहचान बनाई जब न्यूजीलैंड की गिनती विश्व की सबसे खतरनाक और मजबूत टीमों में होने लगी थी। वे एक लंबे समय तक कीवी टीम के कप्तान रहे और उनके कुशल नेतृत्व में ही न्यूजीलैंड ने भारत को पराजित कर पहली ‘वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप’का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था। यह खिताबी जीत न्यूजीलैंड और विलियमसन के लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद खास थी, क्योंकि २०१९ के वनडे वर्ल्ड कप में टीम बेहद मामूली अंतर से खिताब जीतने से चूक गई थी। क्रिकेट के मैदान पर अपने शांत, सौम्य और भद्र व्यवहार के कारण विलियमसन ने न केवल करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता, बल्कि विरोधी टीमों के खिलाड़ी भी हमेशा उनका दिल से सम्मान करते थे।
​न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी आधिकारिक बयान में विलियमसन ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने इस फैसले पर काफी सोच-विचार किया और पिछले कुछ समय से मुझे यही लग रहा था कि संन्यास लेने का यही सही समय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए मेरे भीतर हमेशा एक मजबूत इच्छाशक्ति रही और न्यूजीलैंड के लिए हर मैच में अपना शत-प्रतिशत योगदान देने पर मुझे गर्व महसूस होता है। देश के लिए इससे कम में खेलना सही नहीं होता, इसलिए मैंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर यह फैसला लिया है।”
​अगर आंकड़ों और प्रारूप की बात करें, तो विलियमसन टेस्ट क्रिकेट में न्यूजीलैंड के पहले, टी२० में दूसरे और वनडे में चौथे सबसे सफल बल्लेबाज के रूप में इतिहास में दर्ज हो गए हैं। उन्होंने अपने करियर में ११० टेस्ट मैच खेलकर ५४.०६ की शानदार औसत से ३३ शतकों और ३८ अर्धशतकों की मदद से ९,५१५ रन बनाए। वहीं, १७५ वनडे मैचों में ४८.६९ की औसत से १५ शतकों और ४७ अर्धशतकों के साथ ७,२५६ रन दर्ज किए। टी२० अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने ९३ मैच खेलकर १८ अर्धशतकों की बदौलत २,५७५ रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कसिली गेंदबाजी से टेस्ट में ३०, वनडे में ३७ और टी२० में ६ विकेट भी चटकाए।
​केन विलियमसन न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में भी अग्रणी रहे। उन्होंने ४० टेस्ट, ९१ वनडे और ७५ टी२० मैचों में कीवी टीम का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम २०१९ वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची, जहां विलियमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। इसके अलावा उनकी अगुवाई में कीवी टीम ने २०२१ के टी२० वर्ल्ड कप का फाइनल भी खेला था। उनके इस अचानक संन्यास के फैसले से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों में मायूसी छा गई है।

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