नई दिल्ली: देश में विपक्षी दलों में मची टूट के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत बढ़ने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चर्चा है कि आगामी मानसून सत्र में एनडीए का आंकड़ा दो-तिहाई के करीब पहुंचने पर सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा विधेयक ला सकती है। इस बीच, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण लागू करने के नाम पर दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके पीछे का असली मकसद आरक्षण को समाप्त करना है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो वह मौजूदा ५४३ लोकसभा सीटों में से ही एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर सकती है। इसके लिए सीटों की संख्या बढ़ाने या परिसीमन की प्रक्रिया को महिला आरक्षण से जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जयराम रमेश के अनुसार, “विपक्ष के दलों को तोड़-फोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश की जा रही है ताकि संविधान में व्यापक संशोधन किए जा सकें और फिर आरक्षण को खत्म कर दिया जाए। तत्काल लक्ष्य परिसीमन हो सकता है, लेकिन असली निशाना आरक्षण है।”
कांग्रेस ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर ८०० से अधिक करने की संभावित योजना पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि सीटों की संख्या में भारी वृद्धि से संसद की कार्यप्रणाली और राज्यसभा पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। रमेश ने साफ किया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि केवल परिसीमन संबंधी प्रावधानों का विरोध किया था।









