इलाहाबाद हाई कोर्ट के जांच के आदेश को दी चुनौती
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा, जिसमें उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच करने का केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश देने संबंधी इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी सुनवाई
शीर्ष अदालत की १७ अगस्त की कार्यसूची के अनुसार, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामले की सुनवाई करेगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने २० जुलाई को सीबीआई के जवाब पर असंतोष जताते हुए एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी को राहुल गांधी के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच में हुई प्रगति का विस्तृत ब्योरा देते हुए नया हलफनामा व्यक्तिगत रूप से दाखिल करने का निर्देश दिया था।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिए थे ये निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि आरोपों की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को किसी तरह की अवैधता का संकेत देने वाली सामग्री या दस्तावेज मिलते हैं, तो वह कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति के आरोपों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए थे।
क्या था पूरा मामला?
कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर न्यायाधीशों के कक्ष में करीब दो घंटे तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया था। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता विग्नेश ने इससे पहले भी याचिकाएं दायर कर आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता के पास दोहरी नागरिकता है। अदालत ने कहा था कि सीबीआई की ओर से दाखिल हलफनामा उसके पहले के आदेश के अनुरूप नहीं है और उसमें गांधी की संपत्ति के संबंध में याचिकाकर्ता की शिकायत पर हुई जांच की प्रगति का पर्याप्त विवरण नहीं दिया गया है।









