‘अर्जुन वाहिनी’ का हुआ औपचारिक शुभारंभ
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक त्वरित, विशिष्ट और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नए राज्य स्तरीय आपदा प्रतिक्रिया बल ‘अर्जुन वाहिनी’ की औपचारिक घोषणा और शुभारंभ किया है।
प्राकृतिक आपदाओं के उच्च जोखिम वाले पश्चिम बंगाल के हिमालयी, तटीय और शहरी क्षेत्रों को सुरक्षित रखने की दूरदर्शी सोच के साथ मुख्यमंत्री अधिकारी के नेतृत्व में यह नया तंत्र तैयार किया गया है। प्रारंभिक चरण में २०० प्रशिक्षित जवानों से लैस अर्जुन वाहिनी को तीन मुख्य अति संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जिसके तहत दार्जिलिंग और कालिम्पोंग पहाड़ी क्षेत्र में ५०, तटीय क्षेत्र में ५० और कोलकाता शहरी क्षेत्र में १०० जवान तैनात रहेंगे।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के उच्च मानकों पर प्रशिक्षित जवानों को आधुनिक बचाव वाहनों और विशेष उपकरणों के साथ तैनात किया जाएगा, जिससे दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्रों की आपदा तैयारियों को बड़ा बल मिलेगा।
इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरणीय जोखिमों और प्राकृतिक आपदाओं के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है। यह समिति ग्लेशियर झील फटने से आने वाली बाढ़ (जीएलओएफ), बादल फटने की घटनाओं, भूस्खलन के खतरे, नदी प्रणालियों के व्यवहार और शहरी जल निकासी की चुनौतियों का सूक्ष्म अध्ययन कर वैज्ञानिक और ठोस उपाय प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री अधिकारी की इस रणनीतिक पहल से आपदा जोखिम न्यूनीकरण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।





