असम: विद्यार्थियों के सपने साकार करने और शैक्षणिक क्षेत्र को मजबूत बनाने में जुटे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

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गुवाहाटी: असम सरकार ने राज्य के शैक्षणिक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाते हुए विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए कई जनोन्मुखी शैक्षणिक कार्यक्रमों को समस्या समाधान के माध्यम के रूप में आगे बढ़ाया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया (फेसबुक) पेज के माध्यम से यह जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के हर बच्चे का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार स्कूलों के आधुनिकीकरण से लेकर विद्यार्थी-केंद्रित विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू कर रही है।
​मुख्यमंत्री सरमा ने उल्लेख किया है कि स्कूलों के उन्नयन (अपग्रेडेशन), पारदर्शी शिक्षक नियुक्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण और छात्राओं के लिए साइकिल वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सरकार की प्राथमिकताओं में रखा गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘निजुत मोइना’ योजना के माध्यम से बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने, उनके सपनों को पंख देने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
​सशक्त शैक्षणिक माहौल और अभिभावकों को बड़ी राहत
​राज्य के स्कूलों के समग्र विकास की गति को निरंतर जारी रखते हुए मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ने एक ऐसा मजबूत और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जहां हर विद्यार्थी अपने सपनों को हकीकत में बदल सके। सरकार के इन दूरगामी प्रयासों से न केवल छात्रों का हौसला बढ़ा है, बल्कि उनके परिवारों और अभिभावकों को भी बड़ी आर्थिक व सामाजिक राहत मिली है।
​मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का संदेश:
“हमारे हर शैक्षणिक कदम के मूल में विद्यार्थियों के सपने, उनका आत्मविश्वास और उनके सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। हमने राज्य में एक ऐसा सशक्त शैक्षणिक परिवेश तैयार किया है, जहां प्रत्येक छात्र अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके और उनके परिवारों को भी संबल मिले।”
​मुख्यमंत्री के इस विजन और सरकार के निरंतर प्रयासों से आने वाले दिनों में असम की साक्षरता दर और शिक्षा की गुणवत्ता एक नए शिखर पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

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