गुवाहाटी: भारतीय सेना की रेड हॉर्न्स डिवीजन, गजराज कोर के तत्वावधान में शनिवार को आईआईटी गुवाहाटी परिसर में संयुक्त बाढ़ राहत अभ्यास “एक्सरसाइज जल राहत” का आयोजन किया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। अभ्यास में सेना के बाढ़ राहत दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल तथा सशस्त्र सीमा बल ने भाग लिया।
अभ्यास के दौरान बाढ़ राहत अभियानों की कार्यप्रणाली, विभिन्न एजेंसियों की भूमिका तथा उन्नत तकनीक और नवाचारों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया। वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप बचाव कार्य, ड्रोन के माध्यम से निगरानी, फंसे हुए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना तथा जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे अभ्यास किए गए।
इसके अलावा सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की विशेषज्ञ टीमों ने गहरे पानी में चलाए जाने वाले बचाव अभियानों का प्रदर्शन भी किया।
इस अवसर पर सेना, राज्य प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लगभग ८०० लोगों ने इस अभ्यास को देखा, जिनमें राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना के कैडेट तथा विभिन्न स्कूल और कॉलेजों के छात्र शामिल थे।
गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने बाढ़ राहत दलों की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने संबोधन में आपदा प्रबंधन में “समाज की समग्र भागीदारी” पर जोर देते हुए “पूर्वानुमान, तैयारी, सुरक्षा और सहायता” के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया।









