गुवाहाटी: असम सरकार के महाधिवक्ता देबोजित लोन सैकिया ने शुक्रवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की याचिका खारिज होने के बाद अब उन्हें असम की न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पवन खेड़ा ने तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए जमानत आदेश पर लगाई गई रोक को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और राहत की मांग की थी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें असम की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने की सलाह दी।
महाधिवक्ता देबोजित लोन सैकिया ने आगे स्पष्ट किया कि अदालत के इस निर्णय के बाद अब पवन खेड़ा को असम की अदालतों के माध्यम से ही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।








