सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी को एक अलग जिला घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ‘बृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच’ ने इस मुद्दे को उठाते हुए आगामी २० जुलाई को एक महत्वपूर्ण नागरिक बैठक बुलाने का एलान किया है।
इसके साथ ही संगठन ने सिलीगुड़ी में ‘मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट’ की स्थापना की भी मांग की है। शुक्रवार को सिलीगुड़ी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंच के पदाधिकारियों ने दोनों मांगों को रेखांकित किया और आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
बृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच के सचिव रतन बनिक ने कहा कि अलग सिलीगुड़ी जिले की मांग कोई नई नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष २०१२ से ही संगठन इस मांग को लेकर आवेदन, ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ जन-हस्ताक्षर अभियान चलाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान बार-बार प्रतिनिधित्व के बावजूद इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
संगठन ने सिलीगुड़ी अनुमंडल (सब-डिवीजन), डाबग्राम-फुलबारी क्षेत्र के बिन्नागुड़ी मौजा, भक्ति नगर थाना और एनजेपी (न्यू जलपाईगुड़ी) थाना क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग सिलीगुड़ी जिला बनाने की मांग की है।
मंच का कहना है कि उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार के रूप में सिलीगुड़ी का महत्व हर दिन बढ़ रहा है और इसके साथ ही प्रशासनिक दबाव भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में जनता के व्यापक हित में एक अलग जिला और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट बेहद जरूरी हो गया है।
बृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच ने जानकारी दी कि २० जुलाई को शाम ४:०० बजे सिलीगुड़ी के रामकिंकर हॉल में नागरिक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में शहर के गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में लिए गए प्रस्तावों को मुख्यमंत्री, उत्तर बंगाल विकास मंत्री, स्थानीय विधायकों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा जाएगा।










