वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के वाशिंगटन के प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। सोमवार रात ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक संदेश में ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।
ईरान की मांगें और प्रतिक्रिया
मध्यस्थ पाकिस्तान के जरिए भेजे गए अपने जवाब में ईरान ने अमेरिका से तेल निर्यात पर लगी रोक हटाने, लेबनान में तत्काल युद्धविराम करने और अमेरिका द्वारा जफ़्त किए गए ईरानी धन को जारी करने की मांग की है। इसके अलावा, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण चाहता है। हालांकि, ईरान ने परमाणु मुद्दे पर ३० दिनों के भीतर चर्चा करने पर सहमति जताकर कुछ लचीलापन दिखाने की कोशिश की है, जिसे पहले उसने पूरी तरह नकार दिया था।
अमेरिका की शर्तें और ट्रंप का रुख
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम सौंप दे और अगले २० वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन न करने का वादा करे। साथ ही, अमेरिका ने ईरान से अपनी सभी परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने, मिसाइल कार्यक्रम में कटौती करने और हमास व हिजबुल्लाह जैसे गुटों को समर्थन बंद करने की मांग की है। ट्रंप के सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी संकेत दिया है कि यदि कूटनीति विफल रहती है, तो अमेरिका रणनीति बदलकर सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकता है।
ईरान का पलटवार
ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे ट्रंप को खुश करने के लिए अपनी नीतियां नहीं बनाते। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ट्रंप की मांगों के आगे घुटने टेकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस ताजा तनाव के बाद अब यह आशंका बढ़ गई है कि क्या खाड़ी क्षेत्र में फिर से युद्ध की शुरुआत होगी या कूटनीति के जरिए कोई बीच का रास्ता निकलेगा।











