नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिका की प्रस्तावित नाकेबंदी से पहले कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा पर पड़ेगा।
ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि समुद्री सुरक्षा सामूहिक होनी चाहिए और किसी एक देश को निशाना बनाने से पड़ोसी देशों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी बंदरगाह असुरक्षित हुए, तो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।
अमेरिका की ओर से घोषणा की गई है कि नाकेबंदी सोमवार शाम से लागू की जाएगी। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की निगरानी और उन्हें रोका जाएगा। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से अन्य देशों के बंदरगाहों के बीच गुजरने वाले जहाजों को अनुमति दी जाएगी, जिससे पहले के पूर्ण नाकेबंदी प्रस्ताव में कुछ नरमी दिखाई गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन जहाजों को रोका जाएगा जिन्होंने ईरान को गैरकानूनी शुल्क दिया हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान की ओर से किसी जहाज पर हमला हुआ, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
नाकेबंदी की घोषणा के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। युद्धविराम के बाद जो सीमित गतिविधि शुरू हुई थी, वह फिर से धीमी पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।








