आईआईटी खड़गपुर के साथ समझौता
कोलकाता: पूर्वी भारत में खाद्य तेल की मूल्य शृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) ने नई पहल शुरू की है। पश्चिम बंगाल सरकार के कृषि विपणन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी मंत्री दिलीप घोष ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में इस पहल की शुरुआत की।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के सहकारिता तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री अशोक कीर्तानिया के अलावा एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह, आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती समेत सरकारी अधिकारी, किसान, सहकारी संस्थाओं और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एनडीडीबी और आईआईटी खड़गपुर के बीच खाद्य तेल क्षेत्र में अनुसंधान, तकनीकी विकास, क्षमता निर्माण, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत किसान संगठनों, सहकारी समितियों और एफपीओ के साथ काम करने में एनडीडीबी के अनुभव को आईआईटी खड़गपुर की अनुसंधान, इंजीनियरिंग, तकनीक, डेटा विश्लेषण और फसलोत्तर प्रबंधन संबंधी विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा। इस पहल में आईसीएआर, बार्क, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और राज्य के कृषि विश्वविद्यालय भी तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में किसानों के बीच बीज मिनी-किट वितरित कर इस पहल की जमीनी स्तर पर शुरुआत की गई।
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी और तिल जैसी तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना पश्चिम बंगाल सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। उन्होंने कृषि उपज के संग्रह, भंडारण, प्रसंस्करण और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने पर जोर दिया।
एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि घरेलू तिलहन उत्पादन और उससे जुड़ी मूल्य शृंखला को मजबूत करना एनडीडीबी की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि तिलहन की खेती को डेयरी उत्पादन और अन्य कृषि गतिविधियों से जोड़कर किसानों की आय के स्रोतों में विविधता लाई जा सकती है।
इस पहल के माध्यम से पूर्वी भारत में घरेलू तिलहन उत्पादन, संग्रह, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को किसान-केंद्रित तथा सहकारी मॉडल के जरिए और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।





