नई दिल्ली: २२ अक्टूबर का इतिहास देश और दुनिया की कई बड़ी और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा है। इस दिन चंद्रयान-१ का प्रक्षेपण (२००८), भारत-पाकिस्तान के बीच पहले युद्ध की शुरुआत (१९४७), क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां का जन्म (१९००) और भारत की कबड्डी विश्व कप जीत (२०१६) जैसी प्रमुख घटनाएं हुई हैं।
देश-दुनिया के इतिहास में २२ अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है~
१६८०: मेवाड़ के महान शासक महाराणा राज सिंह प्रथम का ओड़ा ग्राम (उदयपुर के पास) में निधन हुआ। इतिहास में कई स्रोतों के अनुसार, औरंगजेब के षड्यंत्र के तहत भोजन में जहर दिए जाने से उनकी अप्रत्याशित मृत्यु हुई थी। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब की हिंदू-विरोधी नीतियों और जजिया कर का कड़ा विरोध किया।
१७९७: फ्रांस के आंद्रे-जैक्स गार्नेरिन ने दुनिया के सामने पहला सफल पैराशूट जंप का प्रदर्शन किया था। उन्होंने पेरिस में एक हाइड्रोजन गुब्बारे की मदद से लगभग ३,२०० फीट (लगभग १,००० मीटर) की ऊंचाई तक उड़ान भरी। उस ऊंचाई पर पहुंचकर उन्होंने गुब्बारे से खुद को अलग कर लिया। उनका पैराशूट कैनवास से बना था और दिखने में एक विशाल छाते जैसा था। हालांकि हवा के दबाव के कारण उनका पैराशूट हवा में काफी डगमगाया और उन्हें कुछ झटके भी लगे, लेकिन वे सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरने में कामयाब रहे। इस के बाद आंद्रे-जैक्स गार्नेरिन को इतिहास का पहला वास्तविक पैराशूटर माना गया और इस आविष्कार ने आगे चलकर विमानन और सैन्य अभियानों में सुरक्षा के नए रास्ते खोले।
१८६७: कोलंबिया के नेशनल यूनिवर्सिटी (नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया) की आधिकारिक तौर पर स्थापना की गई थी। राष्ट्रपति सांतोस अकोस्टा के कार्यकाल में कानून ६६ के पारित होने के साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान की नींव रखी गई, जो आज कोलंबिया के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा केंद्रों में से एक है।
इसकी शुरुआत छह मुख्य विभागों के साथ हुई थी—कानून, चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान, इंजीनियरिंग, कला और शिल्प, और दर्शनशास्त्र।
यह कोलंबिया का पहला आधिकारिक राष्ट्रीय और सार्वजनिक विश्वविद्यालय था, जिसका उद्देश्य देश में शिक्षा का आधुनिकीकरण करना था।
१८७५: अर्जेंटीना में पहले टेलीग्राफिक कनेक्शन की शुरुआत हुई थी। यह पहला टेलीग्राफिक संदेश राजधानी ब्यूनस आयर्स और बियांड शहर के बीच भेजा गया था।
यह ऐतिहासिक कदम अर्जेंटीना के तत्कालीन राष्ट्रपति डोमिंगो फॉस्टिनो सरमिएंटो के प्रयासों का परिणाम था, जिन्होंने देश के आधुनिकीकरण और संचार प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
१८७९: ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत का पहला सशस्त्र विद्रोह आयोजित करने वाले महान क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फड़के के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा शुरू हुआ था। वासुदेव बलवंत फड़के को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का ‘आद्य क्रांतिकारी’ (पहला क्रांतिकारी) कहा जाता है। ब्रिटिश काल में किसानों की दयनीय स्थिति और भुखमरी को देखकर उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का संगठन तैयार किया था। फड़के को जुलाई १८७९ में बीजापुर (कर्नाटक) के एक गांव से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद २२ अक्टूबर १८७९ को पुणे में उनके खिलाफ ऐतिहासिक मुकदमा चलाया गया। उनपर ब्रिटिश सरकार का तख्तापलट करने की साजिश रचने और सम्राट के खिलाफ युद्ध छेड़ने (राजद्रोह) का आरोप लगाया गया। मुकदमे के बाद उन्हें काले पानी (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई गई और अदन (यमन) की जेल में भेज दिया गया, जहां १८८३ में भूख हड़ताल के कारण उनका निधन हो गया।
१८८३: न्यूयॉर्क शहर में प्रसिद्ध मेट्रोपॉलिटन ओपेरा हाउस (जिसे ‘ओल्ड मेट’ भी कहा जाता है) का उद्घाटन हुआ था। इस ऐतिहासिक अवसर पर पहला कार्यक्रम फ्रांसीसी संगीतकार चार्ल्स गौनोड का प्रसिद्ध ओपेरा ‘फाउस्ट’ प्रस्तुत किया गया था।
१९४७: पाकिस्तान समर्थित कबायली घुसपैठियों और अनियमित सेनाओं ने मुज़फ़्राबाद के रास्ते जम्मू-कश्मीर पर आक्रमण किया था, जिसके परिणाम स्वरूप प्रथम भारत-पाक युद्ध शुरू हुआ। राजा हरि सिंह ने २६ अक्टूबर को भारत में विलय के पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला और यह संघर्ष १ जनवरी १९४९ को युद्धविराम (सीजफायर) पर समाप्त हुआ।
१९६३: भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना ‘भाखड़ा नांगल'(सतलुज नदी पर) तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई थी। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर बनाई गई है और इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान लाभान्वित होते हैं।
१९६४: फ्रांसीसी दार्शनिक और लेखक ज्यां-पॉल सार्त्र ने साहित्य का नोबेल पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। वह इतिहास के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने स्वेच्छा से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को ठुकराया। सार्त्र का मानना था कि एक लेखक को खुद को किसी संस्थान या पुरस्कार के साथ बांधना नहीं चाहिए। उनका तर्क था कि पुरस्कार स्वीकार करने से उनकी लेखन की स्वतंत्रता और निष्पक्षता प्रभावित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि उनके नाम के आगे “नोबेल पुरस्कार विजेता” जैसा कोई आधिकारिक ठप्पा लगे, क्योंकि पाठक को उनके विचारों को बिना किसी बाहरी प्रभाव के आंकना चाहिए।
१९६६: ब्रिटेन के इतिहास की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में से एक हुई, जब देश के सबसे कुख्यात डबल एजेंट जॉर्ज ब्लेक लंदन की वर्मवुड स्क्रब्स जेल से बेहद दुस्साहसिक तरीके से फरार हो गए। जॉर्ज ब्लेक ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई६ के एक अधिकारी थे, जो गुप्त रूप से सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने लगभग ४० ब्रिटिश एजेंटों की पहचान सोवियत संघ को बता दी थी, जिसके बाद १९६१ में उन्हें ४२ साल की सजा सुनाई गई थी। जेल में बंद ब्लेक की मुलाकात कुछ ऐसे कैदियों से हुई जो ब्रिटिश सरकार विरोधी थे। ब्लेक की जेल से भागने में मुख्य रूप से सीन बर्क (एक पूर्व कैदी) और दो परमाणु-विरोधी कार्यकर्ताओं (माइकल रैंडल और पैट पटल) ने मदद की थी।
१९७५: सोवियत संघ का वेनेरा-९ अंतरिक्षयान शुक्र ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा था। यह इतिहास में किसी अन्य ग्रह की सतह से पहली बार ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीरें भेजने वाला पहला अंतरिक्षयान बना। शुक्र के अत्यंत गर्म (लगभग ४८५°डिग्री सेल्सियस) और भारी वायुमंडलीय दबाव वाले वातावरण में यह यान सतह पर लगभग ५३ मिनट तक जीवित रहा और डेटा भेजता रहा।
१९७५: ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में तुर्की के राजदूत दानिश तुनालिगिल की तीन बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले की जिम्मेदारी अर्मेनियाई चरमपंथी संगठनों जस्टिस कमांडोस ऑफ द अर्मेनियाई जेनोसाइड और अर्मेनियाई सीक्रेट आर्मी फॉर द लिबरेशन ऑफ अर्मेनिया ने ली थी।
२००४: संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था अंकटाड (व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र का सम्मेलन) की विश्व निवेश रिपोर्ट के अनुसार, विदेशों में निवेश करने के मामले में भारत १४वें स्थान पर था।
२००२: सीका (एशिया में संवाद और विश्वास-निर्माण उपायों पर सम्मेलन) सम्मेलन में सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने और इसे पूरी तरह से समाप्त करने का एक संयुक्त संकल्प व्यक्त किया था। सभी सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता और वैश्विक शांति के लिए इसे मिलकर कुचलना जरूरी है।
२००६: अफ़ग़ानिस्तान में भारी मात्रा में अवैध नशीली दवाएँ (ड्रग्स) ज़ब्त की गई थीं। यह कार्रवाई उस दौर में की गई जब अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम और अन्य नशीले पदार्थों का उत्पादन वैश्विक स्तर पर अपने रिकॉर्ड स्तर पर था। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ और अपराध कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, उस वर्ष अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की खेती में ५९% की भारी बढ़ोतरी हुई थी। ज़ब्त की गई नशीली दवाओं की यह कार्रवाई बेहद अहम थी क्योंकि ड्रग्स के व्यापार से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर तालिबान और अन्य विद्रोही गुटों को हथियारों की आपूर्ति के लिए मिल रहा था।
२००७: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की १७वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के समापन के बाद, हू जिंताओ को औपचारिक रूप से लगातार दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए पार्टी का महासचिव(कमान) चुना गया था। इसके साथ ही उन्हें देश की केंद्रीय सैन्य समिति का अध्यक्ष भी फिर से नियुक्त किया गया था, जिससे चीन के शीर्ष नेता के रूप में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई थी। वे २००२ से २०१२ तक इस पद पर रहे।
२००८: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारत के पहले चंद्र मिशन चंद्रयान-१ का प्रक्षेपण किया था। इस ऐतिहासिक मिशन ने चंद्रमा की सतह पर पानी और हाइड्रॉक्सिल के अणुओं की मौजूदगी की पुष्टि की थी।
२०१०: विकीलीक्स ने इराक युद्ध से जुड़े करीब ३,९१,८३२ गोपनीय अमेरिकी सैन्य दस्तावेज (इराक युद्ध लॉग) सार्वजनिक किए, जिनमें युद्ध के दौरान हुई मौतों, नागरिकों की हत्याओं और कैदियों पर अत्याचार से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। जारी किए गए दस्तावेजों में २००४ से २००९ के बीच की अमेरिकी सेना की फील्ड रिपोर्टें शामिल थीं। इससे पहले जुलाई २०१० में विकीलीक्स ने अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े करीब ९१,००० गोपनीय दस्तावेज भी जारी किए थे।
२०१२: डोपिंग स्कैंडल में, अमेरिका के दिग्गज साइकिल चालक लांस आर्मस्ट्रांग से उनके सातों ‘टूर डी फ्रांस’ खिताब छीन लिए गए और अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ द्वारा उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।
२०१२: दिल्ली के जामा मस्जिद ब्लास्ट और बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम ब्लास्ट के आरोपी और इंडियन मुजाहिद्दीन के संदिग्ध आतंकी फसीह मोहम्मद को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली लाया गया और गिरफ्तार किया गया।
२०१२: इजरायली वायु सेना ने गाजा पट्टी के उत्तरी हिस्से में एक रॉकेट लॉन्चिंग दस्ते पर हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।
२०१२: इसी दिन कैरेबियन सागर में उष्णकटिबंधीय तूफान सैंडी का जन्म हुआ था। आगे चलकर इसने भयानक रूप ले लिया और जमैका, क्यूबा, बहामास के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा के पूर्वी तटों पर भारी तबाही मचाई, जिससे २३० से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
२०१३: इराक के अनबार प्रांत में सैन्य और पुलिस चौकियों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमलों में २२ सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी।
२०१३: प्रसिद्ध मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यमन और पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमलों के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की। इसमें खुलासा किया गया कि अल-कायदा को निशाना बनाने के चक्कर में बड़े पैमाने पर आम निर्दोष नागरिक और बच्चे मारे जा रहे हैं, जिसे एक बड़े ‘मानवीय हादसे’ के तौर पर रेखांकित किया गया।
२०१३: नाइजीरियाई सेना ने देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में आतंकी संगठन बोको हरम के ठिकानों पर हवाई और जमीनी हमले किए, जिसमें ३७ बोको हरम के उग्रवादी मारे गए।
२०१४: माइकल जेहाफ-बिडायु ने ओटावा में कनाडा के संसद भवन (पार्लियामेंट हिल) पर हमला किया था। संसद भवन में घुसने से पहले हमलावर ने पास के ‘कनाडाई नेशनल वॉर मेमोरियल’ पर तैनात एक कनाडाई सैनिक, कॉरपोरल नेथन सिरिलो की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हमलावर राइफल लेकर संसद के मुख्य भवन (सेंटर ब्लॉक) में घुस गया, जहां उसने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस दौरान तीन अन्य लोग घायल हुए।
संसद के सार्जेंट-एट-आर्म्स केविन विकर्स और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर माइकल जेहाफ-बिडायु को मार गिराया था।
२०१५: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के बोलन जिले में एक शिया मस्जिद को निशाना बनाकर आत्मघाती बम धमाका किया गया। इस भीषण हादसे में कम से कम १० लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
२०१५: इराक के हवलजा में इस्लामिक स्टेट के एक जेल पर अमेरिकी और इराकी विशेष बलों ने संयुक्त रूप से एक बड़ा छापा मारा। इस ऑपरेशन के दौरान ७० बंधकों को तो छुड़ा लिया गया, लेकिन भारी गोलीबारी में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। यह साल २०११ के बाद इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कार्रवाई में किसी अमेरिकी सैनिक की पहली मौत थी।
२०१५: भारत के जबलपुर में एक तेज रफ्तार सवारी वाहन ने अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी भीड़ को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
२०१६: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने कबड्डी विश्व कप २०१६ (अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी महासंघ) के फाइनल में ईरान को ३८-२९ से हराकर अहमदाबाद के ‘द एरेना बाय ट्रांसस्टेरिडिया’ में यह खिताब अपने नाम किया था।
२०१६: अमेरिकी दूरसंचार दिग्गज एटी एंड टी ने मीडिया कंपनी टाइम वार्नर को ८५.४ अरब डॉलर (कुल कर्ज मिलाकर लगभग १०८.७ अरब डॉलर) में खरीदने की ऐतिहासिक घोषणा की थी। इस सौदे का उद्देश्य अपने वायरलेस और ब्रॉडबैंड नेटवर्क को एचबीओ, सीएनएन और वार्नर ब्रदर्स जैसी सामग्री के साथ जोड़ना था।
२०१७: भारत मे बिहार के नवादा जिले के उग्रवाद प्रभावित रजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंधरवारी गांव में कुछ महिलाएं और बच्चियां दीपावली और छठ पर्व के मौके पर घर की पुताई (दीवारों को लेपने) के लिए पास के एक टीले (खदान) से सफ़ेद/पीली मिट्टी काटने गई थीं। मिट्टी खोदने के दौरान अचानक ऊपर से मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा (टीला) भरभराकर नीचे गिर गया। इस मलबे के नीचे दबने से संजू देवी और उनकी १२ वर्षीय बेटी नूतन कुमारी की दम घुटने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
२०१७: नाइजीरिया के पूर्वोत्तर शहर मैदुगुरी में एक भीषण आत्मघाती बम धमाका हुआ, जिसमें कम से कम १३ लोगों की मौत हो गई और ५ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले के पीछे आतंकी संगठन बोको हरम का हाथ माना गया।
२०१८: लीबिया के जाविया इलाके में एक मोर्टार शेल (तोप के गोले) में भयानक विस्फोट हुआ। इस हादसे में कम से कम ८ लोगों की मौत हो गई और ८ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लीबिया में लंबे समय तक चले संघर्ष और गृहयुद्ध के कारण कई इलाकों में ऐसे बिना फटे हुए गोले जमीन में या रिहायशी इलाकों के आसपास रह गए हैं, जो स्थानीय नागरिकों और खासकर बच्चों के लिए आज भी एक बड़ा खतरा बने हुए हैं।
२०१८: भारत मे जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबानी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम की घुसपैठ की कोशिश के दौरान हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के ३ जवान शहीद हो गए थे और २ घुसपैठिए मारे गए थे।
२०१८: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान शहर में दो यात्री बसों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में १९ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और ४० से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
२०१९: ब्रिटेन की संसद ने ब्रेक्सिट (यूरोपीय संघ से अलग होने की डील) को मंजूरी तो दी, लेकिन इसे तय समय सीमा के भीतर तेजी से पास करने के सरकारी प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
२०१९: टोक्यो के इंपीरियल पैलेस में जापान के सम्राट नारुहितो ने पारंपरिक समारोह (‘सोकुइरेई सेडेन नो गी’) में ‘क्राइसेंथेमम सिंहासन’ संभाला। वह जापान के १२६वें सम्राट बने। इस ऐतिहासिक अवसर पर १८० से अधिक देशों के विशिष्ट अतिथि शामिल हुए थे। उन्होंने जापान के संविधान के अनुसार राज्य के प्रतीक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
२०२०: एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘फ्रांसिस’ में ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से समलैंगिक सिविल यूनियनों का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि समलैंगिक लोगों को भी एक परिवार का हिस्सा बनने का पूरा अधिकार है। वे भी भगवान के बच्चे हैं।
२०२०: सीरिया की राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाके कुदसाया में हुए एक कार बम धमाके में दमिश्क प्रांत के ग्रैंड मुफ्ती शेख मोहम्मद अदनान अल-अफीउनी की मौत हो गई थी। शेख अफीउनी सीरिया के प्रमुख सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरुओं में से एक थे और उन्हें सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का करीबी माना जाता था। उन्होंने दमिश्क प्रांत में सरकार और विद्रोही गुटों के बीच सुलह कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
२०२०: अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने मलेशिया के १एमडीबी (१मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद) भ्रष्टाचार घोटाले में अपनी भूमिका के लिए विभिन्न वैश्विक नियामकों (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर) को २.९ अरब डॉलर (लगभग ३ अरब डॉलर) का जुर्माना और हर्जाना देने पर सहमति जताई थी। गोल्डमैन सैक्स पर आरोप था कि उसने १ एमडीबी फंड के लिए बांड बेचने में मदद की और इस दौरान अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में अपनी आंखें मूंद लीं।
२०२०: भारत में कुल संक्रमितों का आंकड़ा ७७ लाख के पार (७७,०६,९४६) पहुंच चुका था और महामारी से मरने वालों की संख्या १.१६ लाख से अधिक थी।
२०२०: अफगानिस्तान के तखर प्रांत के हजारा क़ुर्लुक गांव में एक मस्जिद और मदरसे पर किए गए हवाई हमले में १२ लोगों की मौत हुई थी, जिसमें अफगान मानवाधिकार आयोग और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार ज्यादातर बच्चे शामिल थे, जबकि अफगान रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों के हताहत होने से इनकार किया था।
२०२१: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अंतरिक्ष में तैर रहे एक पुराने रूसी उपग्रह के मलबे से टकराने से बचाने के लिए अपनी कक्षा बदलनी पड़ी थी। नासा और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी (रॉसकॉसमॉस) के अनुसार, मलबे के टुकड़े से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए स्टेशन से जुड़े प्रोग्रेस एमएस-१८ मालवाहक जहाज के थ्रस्टर्स को चालू किया गया था। इन थ्रस्टर्स को लगभग ३ मिनट (१८९.४ सेकंड) के लिए चलाया गया, जिससे स्टेशन की गति में ०.३ मीटर प्रति सेकंड का बदलाव आया और इसकी कक्षा की ऊंचाई लगभग १.२ किलोमीटर बढ़ गई।
२०२१: भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने क्वाड देशाें के साइबर सुरक्षा प्रमुखों ने एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को साइबर खतरों से बचाना था। चारों देशों ने अपने-अपने देशों के महत्वपूर्ण क्षेत्रों (जैसे- बिजली ग्रिड, परिवहन, बैंकिंग, और स्वास्थ्य सेवाएं) को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए एक साझा ढांचा तैयार करने पर चर्चा की।
२०२१: भारत के केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत ‘अमृत महोत्सव पॉडकास्ट’ की शुरुआत की थी। इस पॉडकास्ट की पहली श्रृंखला ‘जरा याद करो कुर्बानी’ है, जिसका पहला एपिसोड भारतीय राष्ट्रीय सेना की गाथाओं पर आधारित ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ है।
२०२२: फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने अक्टूबर २०२२ में पाकिस्तान को अपनी ‘ग्रे लिस्ट’ से पूरी तरह बाहर कर दिया था। पाकिस्तान ने ३४-सूत्रीय एक्शन प्लान को पूरा किया, जिसके बाद एफएटीएफ ने २२ अक्टूबर २०२२ को उसे ग्रे लिस्ट से हटा दिया।
२०२२: चीन और वेटिकन ने पादरियों की नियुक्ति को लेकर अपने द्विपक्षीय ऐतिहासिक समझौते को अगले दो वर्षों के लिए नवीनीकृत किया था। यह समझौता पहली बार २०१८ में हुआ था, जिसके तहत चीन में कैथोलिक पादरियों (बिशप) की नियुक्ति में वेटिकन (पोप) और चीनी सरकार दोनों की सहमति को अनिवार्य बनाया गया। २०२० में इसे पहली बार दो साल के लिए बढ़ाया गया था, और फिर अक्टूबर २०२२ में इसे दूसरी बार दो वर्षों (अक्टूबर २०२४ तक) के लिए नवीनीकृत किया गया। इस समझौते के तहत चीनी सरकार द्वारा सुझाए गए पादरियों के नामों पर वेटिकन (पोप) को अंतिम निर्णय या वीटो का अधिकार मिलता है।
इसका मुख्य उद्देश्य चीन में आधिकारिक (सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त) और भूमिगत (वेटिकन के प्रति वफादार) कैथोलिक चर्चों के बीच के दशकों पुराने मतभेदों को कम करना है। इस समझौते की सटीक और विस्तृत शर्तें अब भी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
२०२२: भारत मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘रोजगार मेला’ अभियान के पहले चरण की शुरुआत की थी। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार के विभागों में १० लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना है।
२०२२: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो के करीबी डिजिटल रणनीतिकार और सलाहकार डेनिस इटुम्बी ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए यह सनसनीखेज खुलासा किया था कि देश की एक भंग की जा चुकी विशेष सुरक्षा इकाई द्वारा वहां लापता हुए दो भारतीय नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। मारे गए दोनों भारतीय नागरिकों के नाम जुल्फिकार अहमद खान (बालाजी टेलीफिल्म्स के पूर्व सीओओ) और उनके दोस्त मोहम्मद जैद सामी किदवई थे।
२०२२: जॉर्जिया मेलोनी ने ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी के नेतृत्व में इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने मत्तेओ साल्विनी की ‘लीग’ और सिल्वियो बर्लुस्कोनी की ‘फोर्ज़ा इटालिया’ के साथ मिलकर दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार बनाई। इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला ने उन्हे शपथ दिलाई।
२०२३: जम्मू-कश्मीर में माता मेहरडा के दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें ६ श्रद्धालु घायल हो गए थे। यह हादसा जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर इलाके में घोरड़ी ब्लॉक के पास एक नाले के समीप हुआ था।
२०२४: युगांडा की राजधानी कंपाला के पास किगूग्वा जिल्ले में एक ईंधन टैंकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भयंकर विस्फोट और आग की चपेट में आने से २४ लाेगाें मौत की हुई थी। टैंकर पलटने के बाद जब स्थानीय लोग रिस रहे ईंधन को बाल्टियों और बर्तनों में इकट्ठा करने लगे, तो वहां जल रहे एक कोयले के चूल्हे या चिंगारी से आग भड़क गई।
२०२४: इज़राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के दौरान, इस दिन गाजा के बेइत लाहिया में हुए एक बड़े हवाई हमले में १५ से अधिक लोगों की जान चली गई।
२०२५: युगांडा के कंपाला-गुलु हाईवे पर किरियानडोंगो जिले में चार वाहनों (दो बसों, एक लॉरी और एक कार) की आमने-सामने टक्कर से हुए भीषण हादसे में ४६ लोगों की मौत हो गई।
२०२५: ट्यूनीशिया के मध्य तट पर स्थित महदिया बंदरगाह के पास प्रवासियों से भरी एक लकड़ी की नाव समुद्र में डूब गई थी। इस दुखद हादसे में कम से कम ४० प्रवासियों की मौत हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र की संस्था ‘इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन’ के अनुसार, मरने वाले ४० लोगों में १९ पुरुष, ९ महिलाएं और ५ साल से कम उम्र के १२ बच्चे (शिशु) शामिल थे। नाव पर कुल मिलाकर लगभग ७० प्रवासी सवार थे। हादसे के बाद ट्यूनीशियाई तटरक्षक बल और एक स्थानीय मछली पकड़ने वाली नाव की मदद से ३० लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। नाव में सवार सभी लोग उप-सहारा अफ्रीकी देशों (जैसे कैमरून, कोट डी’आइवर और गिनी) के नागरिक थे, जो बेहतर जिंदगी की तलाश में यूरोप (मुख्य रूप से इटली) जा रहे थे।
२०२५: रूस के यूराल क्षेत्र में चेल्याबिंस्क के पास कोपेइस्क शहर में स्थित ‘प्लास्टमास’ मिलिट्री प्लांट में एक भीषण विस्फोट में कुल २३ कर्मचारियों की मौत हुई और लगभग २९ लोग घायल हुए। यह सरकारी कंपनी ‘रोस्टेक’ के नियंत्रण वाला एक प्रमुख हथियार कारखाना है, जहाँ रूसी सेना के लिए तोपखाने के गोले, रॉकेट और विस्फोटक बनाए जाते हैं।
२०२५: अमेरिका के मोंटाना प्रांत के एकालाका इलाके में एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसा हुआ था, जिसमें ४ लोगों की मौत हो गई थी। मारे गए चारों लोग इलिनॉय के मशहूर रिपब्लिकन राजनेता और पूर्व सीनेटर डेरेन बेली के परिवार के सदस्य थे। मृतकों में उनका ३७ वर्षीय बेटा ज़ैकरी बेली (जो हेलीकॉप्टर उड़ा रहा था), उनकी ३५ वर्षीया बहू केल्सी और उनके दो पोते-पोतियां (१२ वर्षीय वाडा रोज़ और ७ वर्षीय सैमुअल) शामिल थे।
२०२५: यूक्रेन के कीव पावर प्लांट और खार्किव में रूसी हवाई हमलों में ७ लोगों की मौत हुई।
२०२५: तमिलनाडु के कुड्डालोर और कल्लाकुरिची जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दीवार गिरने के दो अलग-अलग हादसों में ३ महिलाओं की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान अशोथाई (६९ वर्ष), उनकी बेटी जया (४० वर्ष) और वनमयिली (६० वर्ष) के रूप में हुई, जो पेशे से खेतिहर मजदूर थीं।
२२ अक्टूबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति~
१८११: फ्रांज लिस्ज़्ट – हंगरी के बेहद प्रसिद्ध संगीतकार और इतिहास के सबसे महान पियानोवादकों में से एक।
१८४४: सारा बर्नहार्ट – फ्रांस की विश्व प्रसिद्ध स्टेज और शुरुआती सिनेमा की महान अभिनेत्री।
१८७३: स्वामी रामतीर्थ – भारत के हिन्दू धार्मिक नेता थे, जो अत्यधिक व्यक्तिगत और काव्यात्मक ढंग के व्यावहारिक वेदांत को पढ़ाने के लिए विख्यात थे।
१९००: अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ – भारत के अमर स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया।
१९०३: जॉर्ज वेल्स बीडल – अमेरिकी आनुवंशिकीविद् जिन्हें १९५८ में चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
१९०३: त्रिभुवनदास कृषिभाई पटेल – सामुदायिक नेतृत्व।
१९०५: कार्ल जैन्स्की – अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और रेडियो इंजीनियर, जिन्होंने ब्रह्मांडीय रेडियो तरंगों की खोज की और ‘रेडियो खगोल विज्ञान’ की नींव रखी।
१९१९: डोरिस लेसिंग – ब्रिटिश लेखिका, जिन्हें साल २००७ में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
१९३७: कादर खान – हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, संवाद लेखक और कॉमेडियन।
१९४३: कैथरीन डेनेउव – प्रसिद्ध फ्रांसीसी अभिनेत्री, जिन्हें विश्व सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में गिना जाता है।
१९४६: दीपक चोपड़ा – भारतीय मूल के प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक और वैकल्पिक चिकित्सा।
१९४७: अदम गोंडवी – जन सरोकारों से जुड़े भारत के क्रांतिकारी और प्रसिद्ध कवि।
१९५२: ए. एस. किरण कुमार – भारत के विख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष।
१९५२: जेफ गोल्डब्लम – ‘जुरासिक पार्क’ और ‘इंडिपेंडेंस डे’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के प्रसिद्ध अमेरिकी अभिनेता।
१९५७: किटू गिडवानी – भारत की अभिनेत्री और मॉडल।
१९६४: अमित शाह – भारतीय राजनीतिज्ञ और भारत के वर्तमान गृह मंत्री।
१९७०: हाविएर मिलेई – अर्जेंटीना के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनेता (जो बाद में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति बने)।
१९७३: इचिरो सुजुकी – जापान के महान और दिग्गज बेसबॉल खिलाड़ी।
१९८८: परिणीति चोपड़ा – बॉलीवुड की जानी-मानी और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री।
१९९४: समीर वर्मा – भारत के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी।
२२ अक्टूबर को हुए प्रमुख निधन~
७४१: चार्ल्स मार्टेल – फ्रैंकिश (फ्रांस) साम्राज्य के महान सैन्य नेता और राजा, जिन्होंने टूर्स की लड़ाई में यूरोप की रक्षा की थी।
१६८०: महाराणा राजसिंह – मेवाड़ के प्रतापी राजपूत राजा, जिन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।
१८९३: दलीप सिंह – पंजाब के अंतिम शासक और महाराज रणजीत सिंह के सबसे छोटे पुत्र।
१९०६: पॉल सेज़ान – फ्रांस के विश्व प्रसिद्ध उत्तर-प्रभाववादी चित्रकार, जिन्होंने आधुनिक कला की नींव रखी।
१९३३: विट्ठलभाई पटेल – भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई। वे ‘स्वराज पार्टी’ के सह-संस्थापक और केंद्रीय विधानसभा के पहले भारतीय अध्यक्ष थे।
१९५४: ठाकुर प्यारेलाल सिंह – छत्तीसगढ़ में ‘श्रमिक आन्दोलन’ के सूत्रधार तथा ‘सहकारिता आन्दोलन’ के प्रणेता।
१९५४: जीवनानन्द दास – बांग्ला भाषा के सबसे प्रसिद्ध और आधुनिक कवियों व लेखकों में से एक।
१९७३: पाब्लो कसालस – स्पेन के दुनिया के सबसे बेहतरीन और प्रसिद्ध वियोलोनसेलो वादक और संगीतकार।
१९८६: ये जियानयिंग – चीन में सेना प्रमुख के अध्यक्ष थे।
१९९८: अजीत खान (हामिद अली खान) – हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, जिन्हें उनके “लॉयन” जैसे शानदार विलेन के किरदारों और उनके मशहूर डायलॉग्स (जैसे “मोना डार्लिंग”) के लिए हमेशा याद किया जाता है।
२००८: परितोष सेन – भारत के बेहद प्रसिद्ध समकालीन चित्रकार और लेखक, जिन्होंने भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।
२०१२: शुभा फूटेला – प्रसिद्ध मॉडल और तमिल फिल्म अभिनेत्री। वह २०१२ में ‘मिस साउथ इंडिया’ चुनी गई थीं।
२०२२: डिट्रिच मातेश्चित्ज़ – रेड बुल के सह-संस्थापक और ऑस्ट्रियाई अरबपति।
२०२४: फर्नांडो वैलेंज़ुएला – मैक्सिको के महान और बेहद लोकप्रिय बेसबॉल खिलाड़ी (पिचर)।
२०२५: ऋषभ टंडन – बॉलीवुड के युवा गायक और कलाकार, जिनका दिल का दौरा पड़ने के कारण कम उम्र में अचानक निधन हो गया था।
आज के प्रमुख दिवस~
अंतरराष्ट्रीय हकलाना जागरूकता दिवस: यह दिन हकलाने से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जागरूकता फैलाने और प्रभावित लोगों के प्रति समझ बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
जिदाई मात्सुरी: जापान के क्योटो में मनाया जाने वाला यह एक बहुत प्रसिद्ध ऐतिहासिक त्योहार है, जिसमें लोग पारंपरिक वेशभूषा पहनकर भव्य जुलूस निकालते हैं।
विश्व वोम्बैट दिवस: ऑस्ट्रेलिया के मूल जीव ‘वोम्बैट’ और उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
कब्जाई घुसपैठ/काला दिवस: भारत में इस दिन को कश्मीर पर हुई पहली पाकिस्तानी घुसपैठ और युद्ध की शुरुआत के संदर्भ में भी याद किया जाता है।





