कोहिमा: मोकोकचुंग और तुएनसांग ज़िलों में नकली शराब पीने से २३ मौतों की खबरों के बीच, नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट भेभोई वीडियो डी. भदेव ने नागालैंड लिकर कम्प्लीट प्रोहिबिशन एक्ट, १९८९ पर ‘स्कैम’ होने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर लिखते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून ने ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने लिखा, ‘ज़ब्ती का ड्रामा बंद करो, यह कानून अपराधियों को सज़ा नहीं दे सकता। यह प्रोहिबिशन नहीं, यह नागालैंड लीथल ट्रेड प्रोटेक्शन एक्ट है।’
सेक्शन ४३ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रोविज़न कि कोर्ट डायरेक्टर ऑफ़ प्रोहिबिशन की शिकायत के बिना किसी केस पर सुनवाई नहीं कर सकता, पुलिस चार्जशीट के आधार पर कार्रवाई करने से रोकता है। उन्होंने याद दिलाया कि गुवाहाटी हाई कोर्ट की कोहिमा बेंच ने २५ नवंबर, २०२४ को इसी मुश्किल की ओर इशारा किया था।
उन्होंने कहा, “तीन साल की जेल का कानून असल में लागू नहीं हो पा रहा है।” सरकार पर २३ लोगों के खून से सने होने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने इसे या तो असरदार तरीके से लागू करने या बैन हटाने का फैसला करने की मांग की।
इस बीच, नागालैंड स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने खुद संज्ञान लिया है और चार हफ़्ते में रिपोर्ट मांगी है।





