कोलकाता: भारत के हावड़ा स्थित नारायणा अस्पताल में चौथी पीढ़ी के दा विंची रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सहायता से एक ही दिन लगातार नौ रोबोटिक सर्जरी की गईं। अस्पताल के कंसल्टेंट–जनरल, लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शशांक शुक्ला और उनकी टीम ने ये सभी सर्जरी कीं।
इन मरीजों में सबसे अधिक उम्र ९० वर्ष और सबसे कम उम्र ३० वर्ष थी। इनमें पित्ताशय निकालने की सर्जरी, हर्निया की मरम्मत तथा अपेंडिक्स की सर्जरी शामिल थीं। जटिल इंग्वाइनल हर्निया से लेकर पेट की दीवार से संबंधित वेंट्रल हर्निया जैसी समस्याओं का भी उपचार किया गया।
डॉ. शुक्ला के अनुसार, एक दिन में नौ सर्जरी करना किसी रिकॉर्ड को बनाने के उद्देश्य से नहीं किया गया था। उनके लिए प्रत्येक मरीज की शारीरिक और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त सर्जरी पद्धति का चयन सबसे महत्वपूर्ण है। हाल के समय में मरीजों के बीच रोबोटिक सर्जरी को लेकर जागरूकता और रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन एक से दो रोबोटिक सर्जरी की जाती हैं।
यह विशेष दिन युवा चिकित्सकों और उभरते सर्जनों के लिए एक ‘ओपन क्लासरूम’ की तरह भी रहा। विभिन्न प्रकार की सर्जरी को प्रत्यक्ष रूप से देखने के अवसर से नई पीढ़ी के चिकित्सकों को आधुनिक रोबोटिक तकनीक का व्यावहारिक अनुभव मिला।
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर अजितकुमार बेल्लमकोंडा ने कहा कि यह सफलता सर्जिकल, एनेस्थीसिया, नर्सिंग और अन्य सहयोगी टीमों के बेहतर समन्वय का परिणाम है।
रोबोट स्वयं सर्जरी नहीं करता। दा विंची सिस्टम में सर्जन कंसोल के माध्यम से रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। इससे सूक्ष्म गतिविधियों, बेहतर दृश्यता और सर्जिकल उपकरणों पर अधिक नियंत्रण में मदद मिलती है। डॉ. शुक्ला के अनुसार, भविष्य में रोबोटिक सर्जरी की मांग और बढ़ेगी। रिकॉर्ड बनाना उनका लक्ष्य नहीं है, लेकिन यदि यह रिकॉर्ड है तो अपना रिकॉर्ड स्वयं तोड़ने में उन्हें खुशी होगी।





