नरेन्दर ने बॉक्सिंग में जीता कांस्य, परवीन और अंकुश फाइनल में

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​नई दिल्ली: दो भारतीय बॉक्सरों ने एशियाई खेलों २०२६ में असाधारण प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक की लड़ाई में जगह बनाई है। वहीं, नरेन्दर को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इस बार भी बॉक्सिंग में भारत द्वारा अधिक से अधिक पदक जीतने की संभावना बनी हुई है।
​परवीन हुड्डा ने महिलाओं के ६५ किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की ली शु को ५-० से पराजित कर कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। पिछले एशियाई खेलों में जीता उनका कांस्य पदक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) द्वारा २२ महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (वेयरअबाउट्स) देने में विफलता के कारण की गई थी। इस बार उन्होंने हांगझोऊ के प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए फाइनल में स्थान बनाया है। परवीन एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
​वहीं, अंकुश पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के ८० किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के फज्लिउद्दीन एर्किनबोएव को ४-१ से हराया। ७५ किग्रा वर्ग में वर्तमान विश्व चैंपियन एर्किनबोएव ने शुरुआत में दबाव बनाया, लेकिन अंकुश ने असाधारण वापसी करते हुए मुकाबला जीत लिया। इसके साथ ही अंकुश पिछले ८ वर्षों में एशियाई खेलों के फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बन गए हैं।
​भारत के एक अन्य बॉक्सर नरेन्दर को पुरुषों के ९० किग्रा से अधिक (सुपर हैवीवेट) वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। नरेन्दर को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के ऐबेक ओरलबाय ने सर्वसम्मति (०-५) से पराजित किया।

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