काठमांडू: सर्वोच्च अदालत ने गिरफ्तार पत्रकार धर्मराज मल्ल को २४ घंटे के भीतर अदालत में पेश करने का गृह मंत्रालय और पुलिस को आदेश दिया है।
सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश कुमार रेग्मी की एकल पीठ ने मल्ल को बंदी सहित २४ घंटे के भीतर अदालत में पेश कर लिखित जवाब दाखिल करने का गृह मंत्रालय, जिला पुलिस परिसर काठमांडू और जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू को आदेश दिया है। पत्रकार मल्ल को आशिष मल्ल ठकुरी के नाम से भी जाना जाता है।
मल्ल को इलेक्ट्रॉनिक अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनकी पत्नी भावना बुढा ने सर्वोच्च अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट दायर करते हुए दावा किया था कि उनके पति को बिना किसी वारंट के २३ सितंबर की रात गिरफ्तार किया गया।
रिट याचिकाकर्ता बुढा के अनुसार, हथियारों से लैस पुलिसकर्मी काठमांडू के कागेश्वरी मनोहरा नगरपालिका–७ स्थित फिक्कल चौक में उनकी ननद के घर पहुंचे और वहां से मल्ल को गिरफ्तार कर लिया।
बंदी की रिहाई के लिए बहस करने वाले अधिवक्ता राजीव बास्तोला ने बताया कि सर्वोच्च अदालत ने सोमवार (२८ सितंबर) को पत्रकार मल्ल को २४ घंटे के भीतर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
नेपालगंज निवासी पत्रकार मल्ल को ३० सितंबर सुबह १० बजे महान्यायाधिवक्ता कार्यालय के माध्यम से लिखित जवाब सहित सर्वोच्च अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है, अधिवक्ता बास्तोला ने जानकारी दी।





