असम: वैज्ञानिक दीपज्योति पाटगिरी को नासा में अवसर

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मुख्यमंत्री सरमा बोले: माध्यम नहीं, मेहनत ही सफलता का आधार

गुवाहाटी: असम के बजाली जिले के पथशाला निवासी वैज्ञानिक डॉ. दीपज्योति पाटगिरी को अमेरिका की विश्वप्रसिद्ध नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में काम करने का अवसर मिला है। उनकी इस उपलब्धि से असम में खुशी और गौरव का माहौल है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ. पाटगिरी की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने डॉ. पाटगिरी की सफलता को समूचे असमवासियों के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनकी शैक्षणिक यात्रा यह संदेश देती है कि शिक्षा का माध्यम सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बन सकता।
सरमा के अनुसार, असमिया माध्यम के विद्यालय से अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने वाले डॉ. पाटगिरी ने मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर हासिल किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. पाटगिरी की उपलब्धि असम की युवा पीढ़ी को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नए सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी।
पथशाला में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद पाटगिरी ने उच्च शिक्षा के लिए कॉटन यूनिवर्सिटी और आईआईटी रूड़की में अध्ययन तथा शोध किया। आईआईटी रूड़की के शोध समूह की जानकारी के अनुसार, उन्होंने भौतिक विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद अंतरिक्ष तथा वायुमंडलीय भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान आगे बढ़ाया।
पाटगिरी का शोध कार्य अंतरिक्ष और पृथ्वी के वायुमंडलीय वातावरण से संबंधित है। उनके सहलेखन में प्रकाशित शोधपत्र भी अंतरिक्ष तथा वायुमंडलीय घटनाओं से संबंधित रहा है।
नासा का गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर पृथ्वी, सूर्य, सौरमंडल और ब्रह्मांड के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिक उपकरण तथा नई तकनीकों के विकास से जुड़े नासा के प्रमुख वैज्ञानिक एवं तकनीकी केंद्रों में से एक है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि डॉ. पाटगिरी की यह उपलब्धि विश्व के वैज्ञानिक मंच पर असम की पहचान को और मजबूत करेगी। उन्होंने डॉ. पाटगिरी के आगामी शोध एवं वैज्ञानिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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