दूसरी पारी में भी १९४ रन से हार, पाकिस्तान की दुर्दशा

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लंदन: पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को १९४ रन से पराजित कर ३ मैचों की सीरीज में २-० की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट का एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया, जो ७४ साल के इतिहास में पहली बार देखने को मिला। वहीं, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने जीत के साथ एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़कर एक विशेष उपलब्धि हासिल की।
​लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को मैच जीतने के लिए ३८९ रन का लक्ष्य दिया था। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान अपनी दूसरी पारी में केवल १९४ रन पर सिमट गया। इस तरह पाकिस्तान लगातार चौथी पारी में २०० रन के आंकड़े तक पहुंचने में असफल रहा। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पाकिस्तान की टीम पहली बार लगातार ४ पारियों में २०० से कम के स्कोर पर ऑलआउट हुई है।
​लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने ११० रन बनाए थे। इससे पहले लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी पाकिस्तान दोनों पारियों में १७१ और १३५ रन ही बना सका था। पाकिस्तान ने अपना पहला टेस्ट मैच १९५२ में खेला था, और ७४ साल के इतिहास में पहली बार उसे ऐसी दुर्दशा का सामना करना पड़ा है। लॉर्ड्स टेस्ट मैच की दोनों पारियों को मिलाकर पाकिस्तानी बल्लेबाज केवल ५२९ गेंदों का सामना कर सके।
​लगातार खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को पाकिस्तान की दूसरी पारी में सऊद शकील ने सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए ९७ रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिला। शान मसूद ने २६ रन बनाए जबकि अली उस्मान ने १६ रन का योगदान दिया। कप्तान बाबर आजम दोनों पारियों में फ्लॉप रहे और मैच में कुल १४ रन ही बना सके।
​पाकिस्तान की इस दुर्दशा में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ओली रोबिन्सन ने मैच में कुल ८ विकेट लिए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने। इसके अलावा जोश टंग और जोफ्रा आर्चर ने भी पाकिस्तानी बल्लेबाजों को संकट में डाले रखा; इन दोनों ने मैच में ५-५ विकेट हासिल किए।
​इंग्लैंड ने लीड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच एक पारी और १०३ रन से जीता था। पाकिस्तान की टीम २०१० के बाद लॉर्ड्स में पहली बार पराजित हुई है। इससे पहले उन्होंने यहां २०१६ और २०१८ में लगातार २ टेस्ट मैच जीते थे। वहीं, इंग्लैंड ने दिसंबर २०२४ के बाद पहली बार कोई मल्टी-टेस्ट सीरीज जीती है। लॉर्ड्स में इंग्लैंड की यह लगातार पांचवीं टेस्ट जीत है।
​लॉर्ड्स में जीत के साथ रूट ने कप्तान के रूप में एक खास उपलब्धि अपने नाम की। वह एशियाई टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तान बन गए हैं। रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ १५वीं टेस्ट जीत दर्ज की। इस मामले में उन्होंने एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़ दिया, जिनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ १४ टेस्ट मैच जीते थे। एलिस्टर कुक १२ जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
​सेना (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में पाकिस्तान का खराब प्रदर्शन जारी है। साल २०१८ से इन देशों में पाकिस्तान ने १८ टेस्ट मैच खेलकर १६ गंवाए हैं। टीम को इन देशों में आखिरी बार २०१८ में जीत मिली थी। अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा व अंतिम टेस्ट मैच ९ सितंबर से एजबेस्टन में शुरू होगा।

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