लंदन: बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में नए युग की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में अनुभवी बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने कप्तान की भूमिका में जो रूट की वापसी का समर्थन किया है। इंग्लैंड १९ अगस्त से शुरू होने वाली ३ टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान का सामना करने के लिए तैयार है और रूट एक बार फिर कप्तानी संभालते नजर आएंगे।
स्टोक्स के संन्यास लेने के समय टेस्ट टीम के उपकप्तान रहे ब्रूक ने रूट को फिर से कप्तान बनाने और वेलिंगटन में नाइटक्लब की घटना के कारण टेस्ट टीम की कप्तानी गंवाने की संभावनाओं पर बात की। ब्रूक ने कहा, “सच कहूं तो मुझे नहीं पता। मैं इसे उस नजरिए से नहीं देखता। रूट को कप्तान बनाने का फैसला सही है। वे टीम के लिए क्या कर सकते हैं, यह देखने के लिए मैं उत्साहित हूं। वे इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए निश्चित रूप से सही व्यक्ति हैं। मैं उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
गौरतलब है कि सीमित ओवरों के प्रारूपों (व्हाइट बॉल क्रिकेट) में ब्रूक इंग्लैंड के कप्तान हैं और २०२२ में टेस्ट पदार्पण के बाद से उन्होंने इस प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन असाधारण रहा था, जहां उन्होंने ८४.१० और ७५.४४ के औसत से रन बनाए थे।
इस बीच, अक्टूबर २०२५ में नाइटक्लब में बाउंसर के साथ हुए झगड़े के बाद उन्हें मुश्किल समय का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, “वह एक कठिन दौर था। खासकर घर लौटकर मीडिया का सामना करना आसान नहीं था। मेरे विचार से उस समय मेरी मानसिकता सही थी—मैदान पर जाकर प्रदर्शन करना और सीमित ओवरों की टीम को सही तरीके से संभालना। इसी वजह से मुझे खुद पर और अपनी टीम पर गर्व है। मैं यह नहीं कहना चाहता कि इससे मुझे मदद मिली, लेकिन इसने मुझे यह अहसास कराया कि इंग्लैंड का कप्तान होना कितनी बड़ी बात है। यह केवल मैदान पर नेतृत्व करने की बात नहीं है; मैदान के बाहर भी जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करने से बड़ा फर्क पड़ता है।”
उल्लेखनीय है कि नाइटक्लब विवाद के बाद ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) ने ब्रूक पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ चेतावनी भी दी थी, लेकिन उन्हें कप्तान के रूप में बनाए रखा था। इंग्लैंड ने ब्रूक की ही कप्तानी में टी२० विश्व कप २०२६ में खेलते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया में हुई एशेज श्रृंखला में ब्रूक का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिसमें इंग्लैंड को १-४ से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने १० पारियों में ३९.७८ के औसत से केवल ३५८ रन बनाए। उनके शॉट चयन को लेकर काफी आलोचना भी हुई थी। इस बारे में ब्रूक ने कहा, “अगर आपके प्रदर्शन से प्रशंसक निराश होते हैं, तो सोचिए आपको खुद कितना बुरा लगता है। कितना भी अभ्यास कर लें, कभी-कभी परिणाम वैसा नहीं मिलता जैसा आप चाहते हैं और कई बार किस्मत भी साथ नहीं देती। इसलिए मैं गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहता हूं।”









