नेपाल-भारत सीमा के भिस्वा नाके पर डिजिटल भंसार कार्यालय शुरू

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भारतीय वाहनों की आवाजाही हुई आसान

वीरगंज: ​सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के लंबे आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार नेपाल-भारत सीमा पर स्थित पर्सा जिले के भिस्वा बॉर्डर पर डिजिटल भंसार (कस्टम) कार्यालय का संचालन शुरू हो गया है। बिना भंसार के भारतीय वाहनों और सामानों के नेपाल में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाए जाने के बाद सीमाई इलाकों के लोग लगातार आंदोलन कर रहे थे। पर्सा क्षेत्र संख्या-४ के सांसद टेकबहादुर शाक्य की विशेष पहल और संसद में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाए जाने के बाद नेपाल सरकार ने भिस्वा बॉर्डर पर इस डिजिटल सुविधा को मंजूरी दी। इस व्यवस्था के लागू होने से दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों में भारी खुशी की लहर है।
​इस नई डिजिटल प्रणाली के शुरू होने के बाद अब भारतीय चारपहिया वाहनों की एंट्री और भंसार से जुड़ी सभी औपचारिकताएं भिस्वा नाके पर ही ऑनलाइन पूरी कर ली जाएंगी। इससे पहले सीमावर्ती ग्रामीणों को वाहनों की भंसार प्रक्रिया के लिए वीरगंज जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों अत्यधिक खर्च होता था। अब भारतीय वाहन सीमा पर केवल एंट्री (प्रवेश पंजीकरण) कराकर नेपाल के भीतर लगभग नौ किलोमीटर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से आ-जा सकेंगे।
​इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के कारण सिक्टा बाजार से सीमित मात्रा में भी खाद्यान्न या अन्य आवश्यक सामग्री लेकर आम लोग नेपाल नहीं जा पाते थे और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) उन्हें सीमा पर ही रोक देता था। शादी-विवाह या अन्य पारिवारिक आयोजनों के समय भी भारतीय वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने से महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को बॉर्डर पर उतरकर ई-रिक्शा या दूसरे स्थानीय वाहनों का सहारा लेना पड़ता था। हालांकि एम्बुलेंस और स्कूल बसों को पहले से ही इस रोक से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब भंसार कार्यालय के ऑनलाइन होने से आम जनता को बहुत बड़ी राहत मिली है। स्थानीय ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने इस जनहितैषी कार्य के लिए सांसद शाक्य और नेपाल सरकार का आभार प्रकट किया है।

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