गंगटोक: सिक्किम सरकार की पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता के तहत राज्य में ‘सिक्किम पर्यावरण पर्व २०२६’ और ‘ए डे फॉर मदर अर्थ’ (धरती माता के लिए एक दिन) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर सिक्किम के माननीय मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने बुल्बुले स्थित नवनिर्मित वन प्रशिक्षण संस्थान (फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) का औपचारिक उद्घाटन किया। वन संरक्षण और जनभागीदारी को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा ‘कनेक्ट टू फॉरेस्ट’ टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (१९२६) की भी शुरुआत की गई है।
इस वर्ष के पर्यावरण पर्व के मुख्य मील के पत्थर के रूप में वर्ष २०४७ तक १० लाख ओक (बांझ) के पेड़ लगाने के ‘मिशन मिलियन ओक ट्रीज’ अभियान का शुभारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री तामांग ने बताया कि ओक के जंगल जल सुरक्षा, भूजल पुनर्भरण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और यह मिशन सिक्किम के दीर्घकालीन पर्यावरणीय भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है। पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भर में कई वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) संरचनाएं प्रदान की गई हैं और अनेक प्राकृतिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति सिक्किम के निरंतर प्रयासों के कारण ही ऐतिहासिक खेचियोपाल्री आर्द्रभूमि (खेचियोपाल्री वेटलैंड) को सिक्किम के पहले ‘रामसार स्थल’ के रूप में मान्यता मिली है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल है। आगामी १४ जुलाई तक चलने वाले इस ‘सिक्किम पर्यावरण पर्व’ के तहत राज्य भर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री तामांग ने आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और टिकाऊ सिक्किम सौंपने के लिए वनों और जल संसाधनों की रक्षा में सभी नागरिकों से मिलकर काम करने की अपील की है।










