जिनेवा में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हत्या का था प्लान, पाकिस्तान ने दी ‘नक्शे से मिटाने’ की धमकी
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और खुफिया दुनिया से इस वक्त एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ब्राजील के एक खोजी पत्रकार और भू-राजनीतिक विशेषज्ञ पेपे एस्कोबार ने दावा किया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके पूरे प्रतिनिधिमंडल की हत्या की एक बेहद खतरनाक साजिश रची थी। यह पूरी योजना तब अंजाम दी जानी थी, जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख ईरान शांति वार्ता के सिलसिले में स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में मौजूद थे।
बेंजामिन नेतन्याहू के सीधे आदेश पर बनी थी योजना
खोजी पत्रकार पेपे एस्कोबार ने एक इंटरनेट वार्तालाप (पॉडकास्ट) के दौरान यह सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीधे निर्देश पर मोसाद इस घातक हमले की तैयारी कर रहा था। उस समय जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त वार्ता चल रही थी, जिसमें अमेरिकी दल का नेतृत्व वहां के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी दल का नेतृत्व वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे थे। पाकिस्तान इस वार्ता में एक मध्यस्थ (बिचौलिया) की भूमिका निभा रहा था।
पाकिस्तानी सैन्य खुफिया तंत्र ने पकड़ी भनक
दावे के अनुसार, इजरायल की इस खतरनाक साजिश की भनक पाकिस्तानी सैन्य खुफिया विभाग को लग गई। उन्होंने एक बेहद गोपनीय और विश्वसनीय जानकारी को बीच में ही पकड़ (इंटरसेप्ट) लिया। जैसे ही पाकिस्तान को पता चला कि स्विट्जरलैंड की धरती पर उसके सैन्य प्रमुख को ठिकाने लगाने की तैयारी है, इस्लामाबाद में हड़कंप मच गया।
ओमान के जरिए इजरायल को अंतिम चेतावनी: ‘नक्शे से मिटा देंगे’
एस्कोबार ने बताया कि साजिश का पर्दाफाश होते ही पाकिस्तान ने बिना कोई वक्त गंवाए कूटनीतिक बिचौलियों का सहारा लिया। उन्होंने कहा:
”पाकिस्तानी अधिकारियों ने खाड़ी देश ओमान के माध्यम से इजरायल को बेहद कड़ा और सीधा संदेश भिजवाया। इस संदेश में साफ कहा गया था कि ‘अगर तुमने हमारे सैन्य प्रमुख या प्रतिनिधिमंडल के किसी भी सदस्य को छुआ, तो हम इजरायल को दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।’ इसके बाद इजरायल को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।”
हालांकि, इस बेहद संवेदनशील दावे पर अभी तक न तो पाकिस्तान सरकार की ओर से और न ही इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।










