मिजोरम: मिजोरम के आइजोल जिला प्रशासन ने जिले के सात प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सिंगल-यूज़ (एकल-उपयोग) प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग, बिक्री, वितरण और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा पर्यटन स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 5 मई 2026 को दिए गए निर्देश तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह कदम उठाया गया है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन स्थलों की पहचान कर वहां कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया था।
मिजोरम सरकार के शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की सिफारिश के आधार पर आइजोल जिले के सात पर्यटन स्थलों को इस प्रतिबंध के लिए चुना गया है। इनमें लालसावुंगा पार्क, फाल्कवन जोखुआ, सकावरमुइतुई त्लांग, हमुइफांग त्लांग, लविपुमा ख्वापप, साइरांग रेलवे स्टेशन और सियालसुक त्लांग शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस निर्णय से प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण पाने, कचरा इधर-उधर फेंकने की प्रवृत्ति रोकने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही, इन क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायियों, विक्रेताओं, दुकानदारों और पर्यटकों से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने तथा पर्यावरण-अनुकूल और पुनः उपयोग योग्य सामग्री अपनाने की अपील की गई है।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए प्रशासन ने नोडल अधिकारियों, स्वच्छता अधिकारियों तथा विशेष प्रवर्तन दलों को तैनात किया है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 तथा अन्य प्रचलित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।









