नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप २०२६ के सह-मेजबान कनाडा ने मैदान पर असाधारण वापसी करते हुए एक तय हार को टाल दिया है। काइल लारिन द्वारा दूसरे हाफ में दागे गए एक बेहतरीन गोल की बदौलत कनाडा ने वर्ल्ड कप के इस रोमांचक मुकाबले में बोस्निया एंड हर्जेगोविना को जीत का जश्न मनाने से रोक दिया। टोरंटो स्टेडियम में घरेलू दर्शकों के सामने खेला गया यह मुकाबला १-१ की बराबरी (ड्रॉ) पर छूटा।
तीसरी बार वर्ल्ड कप खेल रहे कनाडा ने इस ड्रॉ के साथ ही इतिहास में अपना पहला अंक भी हासिल कर लिया है। इससे पहले खेले अपने दोनों वर्ल्ड कप के सभी ६ मैचों में कनाडा को करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, अपने घरेलू मैदान पर पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कनाडा की टीम इस ऐतिहासिक मैच को जीत में बदलने का अपना सपना पूरा नहीं कर सकी।
मैच की शुरुआत में बोस्निया एंड हर्जेगोविना ने मेजबान टीम पर दबाव बना दिया था। खेल के २१वें मिनट में जोवो लुकिच ने एक शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर बोस्निया को शुरुआती बढ़त दिला दी। बोस्निया की टीम ने इस बढ़त को हाफ-टाइम तक बखूबी कायम रखा।
लेकिन दूसरे हाफ में पासा पलटा और कनाडा ने आक्रामक रुख अपनाया। पूरे मैच में ६० प्रतिशत बॉल पजेशन के साथ खेलने वाली कनाडाई टीम को आखिरकार ७९वें मिनट में बड़ी सफलता मिली। स्टार खिलाड़ी काइल लारिन ने गेंद पर असाधारण नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को नेट में डाल दिया और कनाडा को बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद बचे हुए समय में दोनों ही टीमें कोई और गोल नहीं दाग सकीं, और मुकाबला बराबरी पर खत्म होने के कारण दोनों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।











