पेरिस: जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। रविवार रात संपन्न हुए फ्रेंच ओपन २०२६ के पुरुष एकल वर्ग के एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने इटली के फ्लेवियो कोबोली को पांच सेटों के कड़े संघर्ष में ६-१, ४-६, ६-४, ६-७ (५), ६-१ से पराजित कर मुख्य खिताब पर अपना कब्जा जमाया।
इस प्रतिष्ठित और गौरवमयी उपाधि को अपने नाम करने के लिए ज्वेरेव को कोर्ट पर चार घंटे और बीस मिनट तक कड़ा पसीना बहाना पड़ा। पांचवें और निर्णायक सेट में जीत हासिल कर खिताब पक्का करने के बाद विश्व वरीयता में तीसरे स्थान पर काबिज ज्वेरेव कोर्ट पर ही बेहद भावुक नजर आए। इससे पहले खेले गए तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल मुकाबलों में ज्वेरेव को उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा था, जहां वे साल २०२० के यूएस ओपन, २०२४ के फ्रेंच ओपन और २०२५ के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने दबाव के क्षणों में असाधारण संयम और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला ‘मेजर’ खिताब हासिल कर ही लिया।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ज्वेरेव ने जर्मन टेनिस इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वे साल १९३७ में हेनर हेनकेले के बाद फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इतना ही नहीं, वर्ष १९९६ के ऑस्ट्रेलियन ओपन में बोरिस बेकर की जीत के बाद किसी भी ग्रैंड स्लैम का पुरुष एकल खिताब जीतने वाले ज्वेरेव पहले जर्मन खिलाड़ी हैं। दूसरी ओर, फाइनल में हारकर इतिहास रचने से चूके इटली के फ्लेवियो कोबोली के लिए भी यह प्रतियोगिता बेहद यादगार रही। अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल तक का सफर तय करने वाले कोबोली इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत अब विश्व टेनिस की शीर्ष १० रैंकिंग के बेहद करीब पहुंच गए हैं।









