बागडोगरा में बड़ा राजनीतिक उलटफेर

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अविश्वास प्रस्ताव के बाद अपर बागडोगरा ग्राम पंचायत प्रधान संजीब सिन्हा का इस्तीफ़ा

बागडोगरा: सिलीगुड़ी से सटे बागडोगरा इलाक़े से इस वक़्त की एक बड़ी राजनीतिक ख़बर आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा संचालित अपर बागडोगरा ग्राम पंचायत के प्रधान संजीब सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन पर यह गाज़ तब गिरी जब उनके ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) लाया गया था।
​अविश्वास प्रस्ताव और पंचायत का समीकरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले २५ मई के दिन तृणमूल कांग्रेस के ही कुछ असंतुष्ट (बाग़ी) सदस्यों और कांग्रेस के पंचायत सदस्यों ने मिलकर प्रधान को पद से हटाने के लिए संयुक्त रूप से एक अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। आपको बता दें कि २१ सीटों वाली इस अपर बागडोगरा ग्राम पंचायत में २०२२ के चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने ११ सीटें, कांग्रेस ने ७ सीटें, भाजपा ने २ सीटें और आदिवासी विकास परिषद ने १ सीट जीती थी। बहुमत होने के कारण टीएमसी के संजीब सिन्हा प्रधान बने थे।
​बदनामी के डर से दिया इस्तीफ़ा, भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा:
विपक्ष और अपनी ही पार्टी के बाग़ी सदस्यों के इस क़दम के बाद, संजीब सिन्हा ने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि उनकी साख और प्रतिष्ठा (रेपुटेशन) को ठेस पहुँचाने की कोशिश की जा रही थी, जिसके कारण उन्होंने यह फ़ैसला लिया। इसके साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों को सिरे से नकारते हुए खुद को बेकसूर बताया है। अब देखना होगा कि बागडोगरा की इस पंचायत की कुर्सी पर अगला प्रधान कौन बनता है!

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