गान्तोक: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) सिक्किम सहित देश के १६ राज्यों और ३ केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाने जा रहा है। आगामी २० मई से शुरू होने वाली यह विशेष प्रक्रिया ६ सितंबर, २०२६ तक चलेगी, जिसकी जानकारी सिक्किम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी। बलुवाखानी स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में आयोजित इस सम्मेलन में यादव ने बताया कि इस एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना और सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे पहले अंतिम बार वर्ष २००२ में एसआईआर किया गया था, इसलिए जिन मतदाताओं के नाम २००२ की मतदाता सूची में शामिल हैं, उन्हें इस बार किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, २० मई से २९ मई तक प्रारंभिक तैयारी, प्रशिक्षण और छपाई से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिसके बाद ३० मई से ६ जून तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही २८ जून तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य पूरा कर ५ जुलाई को मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट) प्रकाशित कर दिया जाएगा। मसौदा प्रकाशन के बाद ५ जुलाई से ४ अगस्त तक दावों और आपत्तियों को दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी, जिनका निस्तारण ५ जुलाई से २ सितंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी यादव के अनुसार, सिक्किम के साथ-साथ ओडिशा, मिजोरम और मणिपुर राज्यों की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन ६ सितंबर को किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने सिक्किम के लिए ५४ नए मतदान केंद्रों को भी मंजूरी दी है। साथ ही, वर्ष २००२ की सूची में नाम न मिलने वाले योग्य मतदाताओं के लिए जरूरी दस्तावेजों और सिक्किमी पुरुषों से शादी करने वाली विदेशी महिलाओं के मतदाता सूची में नामांकन के लिए तय किए गए नियमों की भी जानकारी दी गई है।










