कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने पहली बार नेताओं के साथ बड़ी बैठक की है। कालीघाट स्थित अपने आवास पर पराजित और विजयी उम्मीदवारों के साथ हुई समीक्षा बैठक में ममता बनर्जी ने दोटूक कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं, वे इसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। चुनाव नतीजों के बाद बैकफुट पर आई पार्टी के नेताओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने साफ किया कि वह किसी के आगे झुकने वाली नहीं हैं और टीएमसी को बिल्कुल नए सिरे से खड़ा करेंगी।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस बार बंगाल में जनादेश को लूटा गया है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों और धमकियों के बीच चुनाव लड़ने वाले अपने उम्मीदवारों की बहाली की तारीफ की। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे चुनाव के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पार्टी दफ्तरों की मरम्मत करवाएं, उन्हें फिर से रंगें और खोलें। ममता ने भावुक होते हुए यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पार्टी कार्यालयों को रंगने का काम वह खुद करेंगी, लेकिन टीएमसी कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की २९४ सदस्यीय विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस महज ८० सीटों पर सिमट गई है। इस ऐतिहासिक चुनाव में शुबेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। ममता बनर्जी खुद अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से शुबेंदु अधिकारी के हाथों चुनाव हार गईं। सत्ता गंवाने के बाद पार्टी में मची खलबली के बीच इस बैठक को ममता बनर्जी द्वारा संगठन को फिर से जीवित करने और डैमेज कंट्रोल के पहले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।









