इन्धन संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा फैसला​

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नई दिल्ली: ​पश्चिम एशिया (होर्मुज संकट) के कारण पैदा हुए पेट्रोल-डीजल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा अनुकरणीय फैसला लिया है। पीएम मोदी ने अपनी सुरक्षा में लगे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) को निर्देश देते हुए अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या को ५० प्रतिशत तक कम कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, वडोदरा और गुवाहाटी दौरों के दौरान उनके काफिले में कटौती देखी गई। इसके साथ ही, भविष्य में काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है, हालांकि नई गाड़ियों की खरीद पर रोक लगाई गई है।​प्रधानमंत्री ने देश की जनता से भी इस संकट के दौरान संयम बरतने की अपील की है। हैदराबाद में एक संबोधन के दौरान उन्होंने नागरिकों से निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और कारपूलिंग का अधिक से अधिक उपयोग करने का आग्रह किया। मोदी ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के दफ्तरों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की सलाह दी है ताकि ईंधन की खपत को कम किया जा सके।​ईंधन के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने आर्थिक स्थिरता के लिए जनता से कुछ समय के लिए सोना न खरीदने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर देश का काफी विदेशी मुद्रा खर्च होता है, जिसे बचाना फिलहाल जरूरी है। सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए गोल्ड और सिल्वर पर टैरिफ भी बढ़ा दिया है। पीएमओ ने सभी मुख्यमंत्रियों को एक कार्ययोजना भी भेजी है, जिसमें संकट से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और डिजिटल बैठकों पर जोर दिया गया है।

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