काेलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन बार सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के हारने के बाद सांसद अभिषेक बनर्जी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि करीब ३० लाख असली मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर रखा गया और चुनाव आयोग का रवैया पूरी तरह पक्षपाती रहा। उन्होंने ईवीएम की आवाजाही और कंट्रोल यूनिट्स में गड़बड़ी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए मांग की है कि मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए और वीवीपैट स्लिप्स की दोबारा गिनती हो ताकि जनता का संदेह दूर हो सके।
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के बाद हो रही हिंसा को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में उनकी पार्टी दिल्ली और बंगाल दोनों जगह एक मजबूत और बिना समझौते वाला विपक्ष बनी रहेगी। इस चुनाव में भाजपा ने २०७ सीटें जीतकर पहली बार बंगाल की सत्ता पर कब्जा किया है, जबकि टीएमसी मात्र ८० सीटों पर सिमट गई है। बनर्जी ने संकल्प जताया कि वे जनता के अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।









