गंगटोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को सिक्किम पहुंच रहे हैं। सिक्किम के भारत के २२वें राज्य के रूप में स्थापना के 50वें वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती) के वर्ष भर चलने वाले समारोह के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) की दूसरी पारी की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला राज्य दौरा है।
प्रधानमंत्री के भव्य स्वागत के लिए राजधानी गंगटोक को पूरी तरह सजा दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-१० की मरम्मत और सफाई के साथ-साथ सड़क किनारे के जोखिम भरे पेड़ों को हटा दिया गया है। शहर के मुख्य चौकों और फुटपाथों पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और स्वागत द्वार बनाए गए हैं। पूरी घाटी सत्तारूढ़ एसकेएम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडों से पट गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर करीब ३ बजे लिबिंग स्थित भारतीय सेना के हेलीपैड पर उतरेंगे। वहां से वे राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए देओराली, पानी हाउस और हॉस्पिटल दारा होकर लोकभवन पहुंचेंगे। यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को राजधानी के पाल्जोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले स्वर्ण जयंती समापन समारोह में प्रधानमंत्री शिरकत करेंगे। इस अवसर पर वे सिक्किम के सभी छह जिलों से आए जनसमूह को संबोधित करेंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी करेंगे। प्रधानमंत्री के स्वागत में राज्य भर के लगभग २,००० कलाकार सांस्कृतिक और देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुतियां देंगे, जो पिछले कई दिनों से निरंतर अभ्यास कर रहे हैं।
नेपाल, चीन और भूटान जैसी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरे संवेदनशील राज्य होने के कारण प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी के विभिन्न नाकों और प्रवेश द्वारों (चेकपोस्ट) पर गहन तलाशी और पहचान पत्र की जांच शुरू कर दी गई है। राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग तैयारियों की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, सिक्किम प्रभारी डॉ. दिलीप जायसवाल और दार्जिलिंग के सांसद राजू विष्ट भी गंगटोक पहुंच चुके हैं।
गौरतलब है कि सिक्किम ने १६ मई, २०२५ से अपनी स्थापना की ५०वीं वर्षगांठ मनाना शुरू किया था। पिछले वर्ष भी प्रधानमंत्री का आने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें बागडोगरा (पश्चिम बंगाल) से ही वापस लौटना पड़ा था। उस समय उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सिक्किम की जनता को संबोधित किया था। इस बार उनके भौतिक रूप से उपस्थित होने को लेकर राज्य में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।










