‘प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री साथ काम करें तो दिन-रात विकास संभव’: बारुईपुर की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी

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बारुईपुर: दक्षिण २४ परगना के बारुईपुर स्थित टोंगतला मैदान की जनसभा से चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोरदार भाषण दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने बाबा सत्यनारायण, राधामाधव और काली माता का स्मरण किया तथा बारुईपुर के जागृत कालीपीठ ‘शिवानी पीठ’ की देवी और विशालाक्षी माता को प्रणाम किया।
सभा में देर से पहुंचने के लिए उपस्थित लोगों से क्षमा मांगते हुए उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लंबे समय तक इंतजार करने वाले लोगों का यह कष्ट व्यर्थ नहीं जाएगा और बंगाल के विकास को ब्याज सहित लौटाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में लोगों की भागीदारी स्वतंत्रता के बाद का एक अभूतपूर्व उदाहरण है और उसी चरण में भारतीय जनता पार्टी को सौ से अधिक सीटें मिलेंगी। उनके अनुसार, इस बार बंगाल में परिवर्तन की सरकार बनेगी।
सरकारी कर्मचारी, पुलिस, शिक्षक, चिकित्सक तथा निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका सम्मान और शांति वापस आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ही राज्य का समग्र विकास संभव होगा। पिछले पंद्रह वर्षों में राज्य की परंपरा को नुकसान पहुंचाने और घुसपैठ बढ़ने का आरोप लगाते हुए उन्होंने भ्रष्टाचारमुक्त बंगाल बनाने का वादा किया।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के लिए विशेष सहायता दी जाएगी और मासिक आर्थिक सहयोग का आश्वासन भी दिया। नौकरी, बालू, मिट्टी और जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सुभाष चंद्र बोस की जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में नए युग की शुरुआत होगी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का समृद्ध बंगाल बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि “प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री यदि साथ काम करें तो दिन-रात विकास संभव है।”
जादवपुर विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कभी राष्ट्रीय भावना के आधार पर स्थापित इस संस्थान में अब अव्यवस्था देखी जा रही है और पढ़ाई का वातावरण वापस लाने की जरूरत है।
पानीहाटी की सभा में उन्होंने शहर की जलनिकासी, यातायात जाम, अवैध निर्माण और पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। मध्यम वर्ग को राहत मिलने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संचार सेवाओं की लागत कम होने से लोगों की मासिक बचत बढ़ी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल के शासन में उद्योग क्षेत्र प्रभावित हुआ है और बेरोजगारी बढ़ी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने तृणमूल को ‘महिला विरोधी’ करार दिया। हाल की आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है और पहले चरण के मतदान में इसका संकेत मिल चुका है।

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