नई दिल्ली: २१ अप्रैल का दिन विश्व और विशेष रूप से दक्षिण एशियाई इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के संगम के रूप में जाना जाता है। इतिहास के पन्ने पलटते हुए देखें तो यह दिन साम्राज्यों के उदय, राजनीतिक परिवर्तनों, सामाजिक त्रासदियों और महान विभूतियों के जन्म का गवाह रहा है।
ऐतिहासिक युद्ध और साम्राज्य की नींव
सन् १५२६ में आज ही के दिन पानीपत की पहली लड़ाई हुई थी, जहाँ बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य की विधिवत शुरुआत की। यह युद्ध भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक मोड़ों में से एक माना जाता है।
प्राचीन इतिहास की बात करें तो रोम की पौराणिक कथाओं के अनुसार, ईसा पूर्व ७५३ में रोमुलस और रेमस ने रोम शहर की स्थापना की थी, जो आगे चलकर विशाल रोमन सभ्यता का केंद्र बना।
राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
भारत में हर साल २१ अप्रैल को ‘राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन लोक सेवकों को समर्पित है जो देश के प्रशासनिक ढांचे को सुचारू रूप से चलाते हैं।
वहीं, सन् १९६० में आज ही के दिन ब्राजील ने अपनी नई राजधानी के रूप में ‘ब्रासीलिया’ का आधिकारिक उद्घाटन किया था।
राजनीतिक उथल-पुथल की बात करें तो सन् १९६७ में ग्रीस में सैन्य अधिकारियों ने तख्तापलट कर सत्ता हथिया ली थी, जो शासन सन् १९७४ तक चला।
महत्वपूर्ण जन्म और योगदान
यूनाइटेड किंगडम पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म २१ अप्रैल, १९२६ को हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले ‘किंडरगार्टन’ के प्रतिपादक फ्रेडरिक फ्रोबेल का जन्म भी सन् १७८२ में आज ही के दिन हुआ था। उनके इस विचार ने पूरी दुनिया की प्रारंभिक शिक्षा पद्धति को एक नई दिशा दी।
युद्ध, त्रासदी और सामाजिक संघर्ष
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सन् १९४५ में सोभियत रेड आर्मी ने जर्मनी के जोसेन में स्थित नाजी हाई कमांड के मुख्यालय पर हमला बोल दिया था। दूसरी ओर, सन् १९५० में नैनीताल में घटी एक दुखद सामाजिक घटना में दलित समुदाय के २२ लोगों की हत्या कर दी गई थी, जो जातिगत संघर्ष का एक काला अध्याय है।
आधुनिक समय की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक, सन् २०१९ में श्रीलंका में ईस्टर संडे के मौके पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरी दुनिया को हिला दिया था, जिसमें २५३ निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।
अन्य रोचक तथ्य
सन् १९३४ में आज ही के दिन स्कॉटलैंड के लॉच नेस मॉन्स्टर की एक कथित फोटो ‘डेली मेल’ में प्रकाशित हुई थी, जिसे ‘सर्जन की तस्वीर’ के नाम से जाना जाता है और इसने दशकों तक लोगों के बीच रहस्य और कौतूहल पैदा किया।
इस प्रकार २१ का यह दिन सत्ता के संघर्ष, मानवता की सेवा और कभी न भूलने वाले ऐतिहासिक मोड़ों को अपने भीतर समेटे हुए है।









