नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने अपनी भारत यात्रा के दौरान वैश्विक सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया है। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह समुद्री मार्ग भारत और दक्षिण कोरिया दोनों की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक अस्तित्व के लिए जीवन रेखा के समान है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट किया कि सियोल और नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करेंगे ताकि कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस ले जाने वाले जहाजों का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहे।
रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रपति ली ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल का समर्थन करते हुए के९ वज्र होवित्जर परियोजना को एक मील का पत्थर बताया, जिसके तहत निर्माण का बड़ा हिस्सा भारत में ही संपन्न होगा। उन्होंने चीन पर वैश्विक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण खनिजों और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विविधीकरण पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी आत्मीयता का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की यह ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ जहाज निर्माण, एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नवाचार के नए द्वार खोलेगी।









