मुंबई: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान अभिनीत लोकप्रिय फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का प्रसिद्ध संवाद अब विश्व सिनेमा के सर्वोच्च मंच पर सम्मानित हुआ है। शुक्रवार रात अकादमी ने अपने आधिकारिक पृष्ठ पर इस चर्चित संवाद को साझा कर सम्मान व्यक्त किया।
‘इतनी शिद्दत से मैंने तुझे पाने की कोशिश की है, कि हर ज़र्रे ने मुझे तुझसे मिलाने की साज़िश की है’, यह संवाद आज भी प्रशंसकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। लगभग १७ वर्ष पहले प्रदर्शित इस अत्यंत सफल फिल्म का संवाद जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थान पाता है, तो यह भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का विषय बन जाता है।
इस सम्मान से भावुक होकर शाहरुख ने सामाजिक माध्यम पर आभार व्यक्त करते हुए लिखा, “अब स्वयं को सचमुच दुनिया का राजा महसूस कर रहा हूँ।” उनके सहज और विनोदी अंदाज़ वाली इस प्रतिक्रिया ने तुरंत ही व्यापक ध्यान आकर्षित किया और प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
अकादमी द्वारा साझा किए गए इस दृश्य के साथ यह उल्लेख भी किया गया कि भाग्य ऐसी शक्ति है जो कभी लक्ष्य से भटकती नहीं। इस अंतरराष्ट्रीय पहचान के बाद शाहरुख और उनकी फिल्म का यह संवाद फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।
फिल्म की निर्देशक फराह खान भी इस सम्मान से अत्यंत प्रसन्न हैं। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी फिल्म को मिले इस सम्मान के लिए वह आभारी हैं। साथ ही उन्होंने फिल्म का प्रसिद्ध संवाद ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त’ उल्लेख करते हुए अपनी भावना व्यक्त की।
विश्व सिनेमा के सर्वोच्च मंच पर किसी भारतीय फिल्म को मिली यह पहचान देश के लिए गर्व का क्षण है। ‘ओम शांति ओम’ को मिला यह सम्मान सिनेप्रेमियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।









