नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन देने की अपील की है। पीएम ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि दशकों तक इस मुद्दे पर राजनीति हुई है, लेकिन अब महिलाओं को उनका हक देने का समय आ चुका है। उन्होंने सांसदों से ‘अपने विवेक से निर्णय लेने’ का आग्रह किया।
दूसरी ओर, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस संशोधन को सरकार की एक चाल बताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में जल्दबाजी में सीमांकन थोपना चाहती है, जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में सरकार पर निशाना साधते हुए सीमांकन की तुलना ‘नोटबंदी’ से की और इसे ‘राजनीतिक नोटबंदी’ करार दिया। गौरतलब है कि २०२३ के मूल विधेयक को जनगणना और सीमांकन की शर्त के साथ जोड़ा गया था, लेकिन अब सरकार द्वारा उन शर्तों में बदलाव के प्रस्ताव ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।








