कोलकाता: भारत में रिसाइकल्ड पॉलिमर और सर्कुलर मैटेरियल्स के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी रुंगटा ग्रीनटेक लिमिटेड ने दूसरे दौर की ग्रोथ कैपिटल फंडिंग सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। इस निवेश दौर में भारत की प्रमुख वैकल्पिक एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक ‘३६० वन एसेट’ द्वारा प्रबंधित एआईएफ (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड) और चुनिंदा सह-निवेशकों के समूह ने भागीदारी की है।
इससे पहले रत्नावली ग्रुप और अन्य सह-निवेशकों के नेतृत्व में पहले दौर का निवेश जुटाया गया था। पहले निवेश दौर ने रुंगटा ग्रीनटेक को पारंपरिक पीईटी रिसाइक्लिंग व्यवसाय से आगे बढ़ाकर एक एकीकृत, प्रौद्योगिकी-आधारित रिसाइक्लिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नई पूंजी का उपयोग फूड-ग्रेड रिसाइकल्ड पीईटी (आर-पीईटी), रिसाइकल्ड एचडीपीई, पीपी तथा ‘टेक्सटाइल-टु-टेक्सटाइल’ रिसाइक्लिंग के विस्तार में किया जाएगा। इसके साथ ही यह धनराशि उन्नत तकनीकों को अपनाने, प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और नए रिसाइक्लिंग मैटेरियल्स के विकास में निवेश को गति देगी।
रुंगटा ग्रीनटेक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दीपक रुंगटा ने कहा, “पहला निवेश दौर ने हमें अपनी विकास यात्रा को तेज़ करने का आत्मविश्वास दिया था और यह दूसरा दौर हमारी अब तक की उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर निवेशकों के भरोसे की मजबूत पुष्टि है। हम अपने पहले निवेशकों, रत्नावली ग्रुप, और अब ३६० वन एसेट एवं अन्य सह-निवेशकों के प्रति आभारी हैं कि उन्होंने हमारे विज़न पर लगातार विश्वास बनाए रखा है। हम अपने निवेशकों को केवल पूंजी प्रदाता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार मानते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि रिसाइक्लिंग अब केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं रह गई है—
“हमारा उद्देश्य एक तकनीक-संचालित सर्कुलर मैटेरियल प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो पोस्ट-कंज्यूमर और पोस्ट-इंडस्ट्रियल वेस्ट को एकत्रित कर, उसे समान गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रोसेस करे और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल के रूप में दोबारा अर्थव्यवस्था में शामिल करे। पीईटी से आगे बढ़ते हुए हम रिसाइक्लिंग के अन्य उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में भी विस्तार करेंगे।”
कंपनी की १० टन प्रति घंटे की इनपुट प्रोसेसिंग क्षमता वाली नई पीईटी रिसाइक्लिंग सुविधा के अक्टूबर २०२६ तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। इसे ‘डार्क फैक्ट्री’ की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें उच्च स्तर का ऑटोमेशन, प्रोसेस कंट्रोल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग होगा। इसके साथ ही, टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग में रिसाइकल्ड फीडस्टॉक की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी टेक्सटाइल-टु-टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी को मजबूत कर रही है।





