२२ अप्रैल: इतिहास के पन्नों में आज का दिन

Earth-Day-2023

नई दिल्ली: ​पृथ्वी दिवस- धरती को बचाने के संकल्प का दिन
पृथ्वी पर रहने वाले तमाम जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को बचाने तथा दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ २२ अप्रैल के दिन ‘पृथ्वी दिवस’ (अर्थ डे) मनाने की शुरुआत की गई थी। १९७० में शुरू की गई इस परंपरा को दुनिया ने खुले दिल से अपनाया और आज लगभग पूरी दुनिया में हर साल इस मौके पर धरती की हरियाली को बनाए रखने और हर तरह के जीव-जंतुओं को पृथ्वी पर उनके हिस्से का स्थान और अधिकार देने का संकल्प लिया जाता है।
​प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ:
​१९०६: यूनान के एथेंस में १०वें ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई।
​१९१५: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने पहली बार जहरीली गैस का इस्तेमाल किया।
​१९२१: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश सेवा के लिए भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) की नौकरी से इस्तीफा दिया।
​१९३१: मिस्र और इराक ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
​१९५८: एडमिरल आर. डी. कटारी भारतीय नौसेना के पहले भारतीय प्रमुख बनाए गए।
​१९७०: दुनिया में पहली बार ‘पृथ्वी दिवस’ मनाया गया।
​१९८३: अंतरिक्ष यान सोयूज टी-८ सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटा।
​१९९७: पेरू में जापानी दूतावास में चार महीने से चल रही घेराबंदी को समाप्त करने के लिए सेना ने प्रवेश किया।
​२०१२: लंदन मैराथन के दौरान ३० वर्षीय एक महिला प्रतिभागी की अचानक गिरकर मृत्यु हो गई।
​२०१६: १७० से ज्यादा देशों ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसे नवंबर २०१६ में लागू किया गया।
​२०२१: अमेरिका की संसदीय समिति ने ‘चीन सामरिक प्रतिस्पर्धा विधेयक’ को मंजूरी दी।
​२०२१: जापान ने २०३० तक कार्बन उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य मौजूदा २६ प्रतिशत से बढ़ाकर ४६ प्रतिशत करने का निर्णय लिया।
​२०२१: युवा विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची भारत की सभी सात महिला मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
​२०२१: प्रसिद्ध संगीतकार जोडी नदीम-श्रवण के श्रवण की कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु हो गई। इस जोड़ी ने ९० के दशक में ‘आशिकी’, ‘साजन’, ‘परदेस’ और ‘राजा हिंदुस्तानी’ जैसी फिल्मों में बेहद मधुर संगीत दिया था।
​२०२१: अनिवार्य कोविड जांच से बचने के लिए असम के सिलचर हवाई अड्डे से करीब ३०० यात्री भाग निकले।
​२०२५: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें २६ लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना के बाद देश भर में पाकिस्तान के खिलाफ गहरा आक्रोश और तनाव फैल गया था।

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