नेत्र बिक्रम बिमली
मियामी: विश्व फुटबॉल के दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड और फ्रांस के बीच मैदान पर मुकाबला बेहद रोमांचक और सनसनीखेज रहा। प्रतियोगिता के तीसरे स्थान के लिए हुए इस महामुकाबले में कुल १० गोलों की बारिश हुई, जहां इंग्लैंड ने फ्रांस को ६-४ के बड़े गोल अंतर से शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ ही इंग्लैंड ने प्रतियोगिता में तीसरा स्थान सुरक्षित करते हुए अपने सफर का सुखद अंत किया है।
खेल के पहले मिनट से ही दोनों टीमें बेहद आक्रामक अंदाज में मैदान पर उतरीं। पहली हाफ से शुरू हुआ गोलों का सिलसिला दूसरी हाफ की अंतिम सीटी बजने तक जारी रहा। इंग्लैंड के अग्रिम पंक्ति (फॉरवर्ड) के खिलाड़ियों ने फ्रांसीसी रक्षापंक्ति (डिफेंस) को पूरी तरह छिन्न-भिन्न करते हुए एक के बाद एक कई आकर्षक गोल दागे।
मैच में वापसी के लिए फ्रांस ने भी जी-जान लगा दी। फ्रांसीसी स्ट्राइकर्स इंग्लैंड के पोस्ट में चार बार गेंद डालने में सफल तो रहे, लेकिन अपनी ही रक्षापंक्ति की गंभीर कमियों के कारण टीम मैच को बचा नहीं सकी। इंग्लैंड ने फ्रांस के इसी कमजोर डिफेंस का भरपूर फायदा उठाया और लगातार गोल करते हुए मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
खेल के आखिरी लम्हों में फ्रांस ने कमबैक करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड की काउंटर-अटैक रणनीति और बेहतरीन फिनिशिंग के आगे फ्रांसीसी टीम की एक न चली। आखिरकार यह मुकाबला ६-४ के रोमांचक स्कोर पर समाप्त हुआ।
इस मैच को खेल विश्लेषकों ने प्रतियोगिता का अब तक का सबसे अधिक गोल वाला और सांसें रोक देने वाला मुकाबला बताया है। भले ही इंग्लैंड खिताबी दौड़ से बाहर हो गया था, लेकिन तीसरे स्थान के लिए मिली इस धमाकेदार जीत ने इंग्लिश समर्थकों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दे दिया है।











