हॉर्मुज तनाव के बीच भी भारत की तेल आपूर्ति सुरक्षित

Screenshot-2018-12-28-at-3.47.19-PM-e1545992342470

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्राइट ऑफ़ होरमुझ मार्ग पर खतरे के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया के किसी भी ऐसे देश से कच्चा तेल खरीदता है जो सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती कीमत देता है।
सरकार के अनुसार भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोतों को २७ देशों से बढ़ाकर ४० देशों तक कर दिया है, जिससे वैकल्पिक आपूर्ति मार् उपलब्ध हैं और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।
केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखे हुए है। सरकार ने कहा कि तेल खरीदने के लिए भारत को किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। फरवरी २०२६ तक रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
सरकार के मुताबिक इंडिया के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल भंडार २५० मिलियन बैरल से अधिक है, जो लगभग सात से आठ सप्ताह की खपत के बराबर है। देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता भी २५८ मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है, जो घरेलू मांग से अधिक है।
इस बीच यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल के ईरान पर सैन्य हमलों और इरान की जवाबी कार्रवाई से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में शुक्रवार को करीब ८.५ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले एक सप्ताह में यह लगभग ३० प्रतिशत तक बढ़ चुकी

About Author

Advertisement