बाब-अल-मंदेब पर नियंत्रण मजबूत
यमन: ईरान समर्थित हूती बलों ने शुक्रवार को यमन के पूरे लाल सागर तट और तीन रणनीतिक द्वीपों पर नियंत्रण कर लिया। एक सप्ताह से जारी तीव्र सैन्य अभियान के बाद हूतियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यह जलमार्ग यूरोप और एशिया के बीच समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो लाल सागर के माध्यम से स्वेज नहर को जोड़ता है। यमन की सऊदी समर्थित सरकार के अधिकारियों के अनुसार, हूतियों ने मयून द्वीप, ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर कब्जा जमा लिया है। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी तट पर सरकार के नियंत्रण वाला संपूर्ण क्षेत्र अब हूतियों के अधीन आ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हूती लड़ाके बाब-अल-मंदेब के तट पर तैनात हैं और सैन्य वाहनों से गश्त लगा रहे हैं।
सऊदी तेल टैंकरों पर बढ़ा खतरा
मयून द्वीप पर नियंत्रण स्थापित होने से हूतियों की रणनीतिक स्थिति काफी मजबूत हो गई है। इससे वे सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाने की अपनी क्षमता बढ़ा सकते हैं। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बाद सऊदी अरब अपने तेल निर्यात के लिए लाल सागर मार्ग पर अधिक निर्भर हो गया है। ईरानी सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मुखबर ने हूतियों को इस ‘बड़ी जीत’ पर बधाई दी। वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि बाब-अल-मंदेब से समुद्री आवाजाही सभी कंपनियों के लिए सुरक्षित है, लेकिन सऊदी जहाजों पर प्रतिबंध यथावत जारी रहेगा।





