नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान पर आरोप है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने के बदले जहाजों से भारी रकम वसूल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एक तेल टैंकर कंपनी ने सुरक्षित मार्ग के लिए करीब २० लाख डॉलर का भुगतान किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान सीमित जहाजों को ही इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दे रहा है। माना जा रहा है कि तेहरान इस रणनीति के जरिए इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण दिखाना चाहता है।
समुद्री आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में कई जहाजों ने ईरानी तट के पास वैकल्पिक मार्ग अपनाकर इस क्षेत्र को पार किया। इनमें भारत, पाकिस्तान और ग्रीस के जहाज भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। पहले जहां दुनिया के लगभग २० प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता था, वहीं अब यह लगभग ठप हो गया है।
इस स्थिति का असर वैश्विक बाजार पर भी साफ दिख रहा है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग ११९ डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि यूरोप में गैस के दामों में भी भारी उछाल देखा गया है।
विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान उन देशों को प्राथमिकता दे रहा है जिनके साथ उसके व्यापारिक संबंध मजबूत हैं। साथ ही वह अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने की रणनीति भी अपना रहा है।








